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1986 बैच के एडीजीपी मरड़ी को डीजी बनाने की तैयारी
मुख्य सचिव पी मित्रा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई डीपीसी की बैठक में एडीजीपी मरड़ी की पदोन्नति को िमली हरी झंडी। अधिसूचना जारी होना बाकी।
भास्कर न्यूज| शिमला
हिमाचलप्रदेश सरकार ने 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी एसआर मरड़ी को डीजी के पद पर पदोन्नति करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। मुख्य सचिव पी मित्रा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) की बैठक में इस मसले को हरी झंडी दे दी है। अब इसकी आैपचरिकता पूरी करने के बाद राज्य सरकार की आेर से अधिसूचना जारी की जानी है। डीपीसी की बैठक में दो अधिकारियों को पदोन्नत करने के लिए डीपीसी की गई थी। इसमें एक 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी सुमेश गोयल आैर 1986 बैच के आईपीएच अधिकारी एसआर मरड़ी का नाम शामिल था। डीपीसी की बैठक में मुख्य सचिव के अलावा राज्य सरकार के अाला अधिकारी मौजूद रहे। सूत्र बताते हैं कि डीजी के पद पर पदोन्नति के लिए 1984 बैच के सुमेश गोयल भी पात्र थे, लेकिन इनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर होने आैर अन्य कारणों से कमेटी ने इनकी बजाय इनके जूनियर 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी एसआर मरड़ी को पदोन्नत कर डीजी के पद पर पदोन्नत करने का फैसला लिया है। डीपीसी की रिपोर्ट के आधार पर ही आगामी अधिसूचना जारी की जानी है। राज्य में डीजी होमगार्ड का पद काफी समय से खाली है। सूत्रों की मानें तो कमेटी के सदस्यों ने इन्हें पदोन्नति देने की सिफारिश करने के बाद इस पर तैनात करने का एक समय मन बना लिया था, लेकिन सभी सदस्यों में इस पर सहमति नहीं बन सकी है।
अभी 1985 बैच के संजय कुमार है हिमाचल के डीजीपी
हिमाचलमें अभी 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी संजय कुमार राज्य के डीजीपी हैं। हिमाचल आने से पहले यह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे। प्रदेश सत्ता बदलने के बाद से लगातार ही पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी को बदलने की अटकले चल रही थी। राज्य सरकार ने बाद में इन्हें बदल कर डीजी होमगार्ड के पद पर तैनाती थी। इनके सेवानिवृत्त होने के बाद से ही डीजी होमगार्ड का पद लंबे समय से खाली चल रहा है।
शिमला | मरड़ीको एडीजीपी से डीजी के पद पर पदोन्नति के लिए फाइल को कमेटी की आेर से मुख्यमंत्री को भेज दी है। मुख्यमंत्री के बुधवार को देर शाम कार्यक्रमों में व्यस्त होने के कारण इस फाइल पर हस्ताक्षर नहीं हो सके हैं। इन्हें पदोन्नति देने के बाद तैनाती कहां देनी है, इस पर फैसला मुख्यमंत्री ने ही लेना है। डीजी होमगार्ड के पद पर तैनाती दी जाती है तो इसके साथ ही अतिरिक्त कार्यभार कौन सा रहेगा। यह भी मुख्यमंत्री ने ही तय करना है। हालांकि संभावना है कि डीजी होमगार्ड के साथ इन्हें सीआईडी का अतिरिक्त कार्यभार आने वाले दिनों में सौंपा जा सकता है।
हिमाचल में पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी को हटाने के समय में भी काफी विवाद हुआ था। इन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ सेवानिवृत्ति के बाद प्रेसवार्ता कर कई आरोप भी लगाए थे। इस पर सरकार ने पूर्व सरकार के समय में फोन टैपिंग में शामिल होने की आशंका जताई थी। इस कारण ही इन्हें डीजीपी के पद से बदल कर डीजी होमगार्ड के पद पर तैनाती दी थी।
भास्कर न्यूज| शिमला
हिमाचलप्रदेश सरकार ने 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी एसआर मरड़ी को डीजी के पद पर पदोन्नति करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। मुख्य सचिव पी मित्रा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) की बैठक में इस मसले को हरी झंडी दे दी है। अब इसकी आैपचरिकता पूरी करने के बाद राज्य सरकार की आेर से अधिसूचना जारी की जानी है। डीपीसी की बैठक में दो अधिकारियों को पदोन्नत करने के लिए डीपीसी की गई थी। इसमें एक 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी सुमेश गोयल आैर 1986 बैच के आईपीएच अधिकारी एसआर मरड़ी का नाम शामिल था। डीपीसी की बैठक में मुख्य सचिव के अलावा राज्य सरकार के अाला अधिकारी मौजूद रहे। सूत्र बताते हैं कि डीजी के पद पर पदोन्नति के लिए 1984 बैच के सुमेश गोयल भी पात्र थे, लेकिन इनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर होने आैर अन्य कारणों से कमेटी ने इनकी बजाय इनके जूनियर 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी एसआर मरड़ी को पदोन्नत कर डीजी के पद पर पदोन्नत करने का फैसला लिया है। डीपीसी की रिपोर्ट के आधार पर ही आगामी अधिसूचना जारी की जानी है। राज्य में डीजी होमगार्ड का पद काफी समय से खाली है। सूत्रों की मानें तो कमेटी के सदस्यों ने इन्हें पदोन्नति देने की सिफारिश करने के बाद इस पर तैनात करने का एक समय मन बना लिया था, लेकिन सभी सदस्यों में इस पर सहमति नहीं बन सकी है।