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ईसी चुनाव अाज, 865 मतदाता करेंगे वोटिंग

6 वर्ष पहले
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हिमाचलप्रदेश विश्वविद्यालय में वीरवार को ईसी कोर्ट के चुनाव होंगे। लगभग 865 कर्मचारी मतदाता आठ उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। वोटिंग सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक होगी। इसके बाद मतगणना की जाएगी। शाम पांच बजे के बाद चुनाव परिणाम निकाल दिए जाएंगे। एचपीयू के सभागार में पोलिंग बूथ बनाया गया है। इसके अलावा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस बार के ईसी कोर्ट के चुनाव में तिकोना मुकाबला देखने को मिल रहा है। जहां भजपा समर्थित उम्मीदवारों ने प्रचार में ताकत झोंकी है, वहीं कांग्रेस अौर माकपा उम्मीदवार भी मतदाताओं को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी तरह आप समर्थित उम्मीदवार बालक राम भी चुनाव मैदान में डटे हुए है। ईसी के महत्वपूर्ण पद को देखते हुए उम्मीदवार हर हाल में जीत दर्ज करना चाहते हैं।

चुनाव से एक दिन पहले उम्मीदवारों ने प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी। ब्रांचों में जाकर कर्मचारियों ने प्रचार किया। भाजपा समर्थित कर्मचारियों में देवीराम वर्मा ईसी पद पर और कुलदीप कुमार कोर्ट पद पर चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस समर्थित गुट में हितेश्वर ठाकुर ईसी राजेश ठाकुर कोर्ट पद पर चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरे हैं। साथ माकपा समर्थित कर्मचारियों में नरेश कुमार शर्मा ईसी पद और बिरमा चौहान कोर्ट पद पर चुनाव लड़ रही हैं। प्रत्याशी बालक राम आप समर्थित हैं, वहीं तिलक राज गर्ग बतौर आजाद उम्मीदवार ईसी पद पर लड़ रहे हैं।

ईसी पद उम्म्मीदवार: नरेश

पॉजीटिवप्वाइंट:कर्मचारियों मेंअच्छी पैठ हैं। कर्मचारियों की मांगों को लेकर कई बार कैंपस में धरने पर बैठ चुके हैं। छात्र संगठन एसएफआई का भी अच्छा खासा समर्थन प्राप्त है। भाजपा कांग्रेस के बार बार सता में रहने के बाद इस बार मौका मिल सकता है।

नेगेटिवप्वाइंटः पिछलीबार हुए ईसी चुनाव में मतदाताअों को रिझाने में नाकाम रहे थे। आपसी तालमेल की भारी कमी है।

ईसी पद उम्मीदवार: देवीराम वर्मा

पॉजीटिवप्वाइंट: पूर्वमेें भी ईसी सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को लेकर लंबा आंदोलन लड़ा है। हर बार कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार और कुलपति से मिलते रहते हैं। कर्मचारियों की किसी भी मांग को अनसुना नहीं करते हैं।

नेगेटिवप्वाइंटः वर्ष2013 में ईसी पद पर रहते हुए ग्रांट तो लाए,लेकिन उसे जारी नहीं रख पाए। कांग्रेस सरकार के सता में होने से नुकसान हो सकता है।

ईसी पद, उम्मीदवार: हितेश्वर

पॉजीटिवप्वाइंट: जहांकर्मचारी समन्वय समिति के अध्यक्ष हैं, वहीं वह लगातार कर्मचारियों के आंदोलन से भी जुड़े रहे हैं। कर्मचारी राजनीति में लंबा अनुभव है। मुख्यमंत्री के साथ नजदीकी के चलते कर्मचारी उन्हें चुन सकते हैं।

नेगेटिवप्वाइंटः एकवर्ष केे बाद इनकी सेवानिवृत होनी है, कर्मचारियों से किए कई वादों को पूरा नहीं कर पाए थे।