- Hindi News
- अब नीति आयोग के समक्ष बजट की मांग नहीं रख सकेंगे राज्य
अब नीति आयोग के समक्ष बजट की मांग नहीं रख सकेंगे राज्य
शिमला | केंद्रपर निर्भर रहने वाले हिमाचल को नीति आयोग के बनने के बाद एक बड़ा झटका तो लगा है। राज्य के मुख्यमंत्री नीति आयोग के उपाध्यक्ष के समक्ष प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर अपना पक्ष नहीं रख सकेंगे। हालांकि पहले प्लानिंग कमीशन के उपाध्यक्ष से राज्य के मुख्यमंत्री की साल में तीन से चार बार मुलाकात होती थी। इससे राज्य की वित्तीय स्थिति को केंद्र के समक्ष रख कर राज्य के लिए केंद्र से राशि लेना आसान हो जाता था। अब राज्य के लिए पैसा लाने की प्रक्रिया पूरी तरह से बदल जाएगी। चालू वित्त वर्ष में भी हिमाचल को केंद्र से ऋण लेने की भी पूरी मंजूरी नहीं मिल पा रही है। वर्तमान में राज्य को फरवरी आैर मार्च में कर्मचारियों के वेतन भुगतान में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री एक मर्तबा देश के प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में अपनी मांगें रख सकेंगे।