आेडीआई अधिकारी को एक्सटेंशन
राज्यसरकारने आॅफिसर आॅफ डाउटफुल इंटीग्रेटी की लिस्ट में शामिल एचएएस कैडर के अधिकारी को एक साल की एक्सटेंशन दे दी है। वित्त विभाग ने पिछले साल कर्मचारियों आैर अधिकारियों को एक साल का सेवा विस्तार देने का फैसला लिया था। इसके तहत राज्य में एक साल में हजारों कर्मचारियों को सेवा विस्तार दिया था। आर्थिक तंगी के दौर में राज्य सरकार ने अपनी वित्तीय अदायगी को एक साल तक टालने के लिए यह फैसला लिया था।
इसमें सरकार आैर वित्त विभाग को काफी हद तक सफलता भी मिली है, लेकिन सरकार की अधिसूचना में यह साफ नहीं था कि इसमें कौन से कर्मचारी शामिल नहीं हो सकेंगे। इसमें सीधे तौर पर राज्य सरकार यदि संतुष्ट होती है तो कर्मचारियों को सेवा विस्तार दिया जाने की शक्ति संबंधित विभाग को दी गई है।
अब सरकारी अधिसूचना में आेडीआई लिस्ट में अधिकारियों को एक्सटेंशन देने के मद शामिल होना सरकार आैर विभागों के लिए फांस बन गया है। अधिकारी चाहते हुए भी सभी को एक साल का सेवा विस्तार दे रहे हैं।
एचएएस कैडर के अधिकारी की सेवानिवृत्ति इसी साल मार्च महीने में तय थी। अब राज्य सरकार की आेर से मिले सेवा विस्तार के बाद एक साल तक अपनी सेवाओं को जारी रखेंगे। सूत्रों की माने तो राज्य सरकार के कई आला अधिकारी भी इस मामले में एक्सटेंशन देने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन राजनीतिक पहुंच के चलते किसी की भी नहीं चली। नियमों में ऐसा प्रावधान होने के कारण अधिकारी भी इसे नहीं रोक सके।
कोर्ट के आदेशों के बावजूद दिया सेवा विस्तार
आेडीआईलिस्ट में शामिल अधिकारियों को सैंसटिव पदों पर तैनाती देने के निर्देश राज्य सरकार को जारी किए हैं। इसके बावजूद इन्हें पदों पर तैनाती देने की बजाय राज्य सरकार की आेर से एक साल का सेवा विस्तार दिया जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार में अफसरों की कमी है। जो कि आेडीआई लिस्ट में शामिल अफसरों को रिटायर करने की बजाय उन्हें सेवा विस्तार दिया जा रहा है।
{हाईकोर्ट ने दिए थे आेडीआई लिस्ट में शामिल अधिकारियों को सेंसटिव पोस्टों से हटाने के निर्देश