ईसी चुनाव में भाजपा समर्थकों का कब्जा
सबसे कम 5 मत ईसी पद पर तिलक को िमले
कोर्ट पद पर
इसी पद पर
ईसी कोर्ट चुनाव में कुल 854 मतों में से 664 वोट पड़े हैं। ईसी में 20 वोट इनवैलिड पाए गए। इसी तरह कोर्ट के लिए 9 वोट इनवैलिड घोषित हुए। सुबह 11 बजे से ही एचपीयू के सभागार में बनाए गए पोलिंग बूथ में कर्मचारियों की कतारें वोट डालने के लिए लगी रही। दोपहर 12 बजे तक मात्र 15 फीसदी ही वोटिंग हुई। इसके बाद दोपहर 3.30 बजे तक यह आंकड़ा 50 फीसदी पहुंच गया। आखिरी आधे घंटे में अच्छी खासी वोटिंग हुई। वोटिंग 77 फीसदी रही।
बिरमा|139 मत (माकपा)
इससेपहले चार बार बिरमा यह पद चुकी हैं।
एजुकेशन रिपोर्टर| शिमला
हिमाचलप्रदेश विश्वविद्यालय में हुए ईसी चुनाव में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी समर्थित कर्मचारियों को जोरदार झटका लगा है। ईसी कोर्ट पद पर चुनाव लड़ रहे प्रत्यााशियों को हार का सामना करना पड़ा, जबकि दोनों पद पर भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। वहीं, माकपा समर्थित प्रत्याशी भी सत्ता की दौड़ से बाहर हो गए हैं।
ईसी पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी देवीराम वर्मा और कोर्ट प्रत्याशी कुलदीप कुमार ने जीत दर्ज की है। देवीराम वर्मा को 260 मत मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस समर्थित डॉ हितेश्वर ठाकुर को 207 मत मिले। देवीराम वर्मा ने 53 मतों से जीत दर्ज की। माकपा समर्थित नरेश कुमार शर्मा को मात्र 152 वोट मिले। आप समर्थित उम्मीदवार बालक राम को 30 वोट और आजाद प्रत्याशी तिलक राज गर्ग को 5 वोट मिले।
कोर्ट पद पर हुए चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार कुलदीप कुमार ने जीत दर्ज की है। कुलदीप कुमार को 326 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस समर्थित राजेश ठाकुर को 190 मत मिले। कुलदीप ने 136 वोटों से जीत दर्ज की। चार बार कोर्ट सदस्य पर पर रही माकपा समर्थित बिरमा चौहान को भी हार का सामना करना पड़ा है। उन्हें 139 वोट मिले। इससे पहले पिछले चुनाव में वह काफी अधिक मार्जन से चुनाव जीती थी।
पिछलेसाल कांग्रेस-माकपा के पास थी ईसी
बीतेवर्ष 2014 में ईसी सदस्य पद पर कांग्रेस समर्थित चौधरी बरयाम सिंह बैंस और कोट पद पर माकपा समर्थित िबरमा चौहान काबिज थे।
^सभी कर्मचारियों ने शांतिपूर्वक तरीके से चुनाव प्रक्रिया पूरी करने में सहयोग दिया है। इसके लिए हम उनका आभार व्यक्त करते हैं। चुनाव में जो जीते है, उन्हें बधाई और जो हारे है, उन्हें शुभकामनाएं। प्रो.मोहन झारटा, चुनावके रिटर्निंग आॅफिसर रजिस्ट्रार