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फीस वृद्धि, रूसा के िवरोध में एबीवीपी का धरना-प्रदर्शन

6 वर्ष पहले
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छात्रों ने रिजल्ट घोषित होने पर भी जताया गुस्सा

शिमला में वीरवार को आरकेएमवी कॉलेज में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करती एबीवीपी की छात्राएं।

कोटशेरा कॉलेज इकाई के धरने में सुभाष भवनेश, अविनाष, वैभव, अमित, पवन, विशाल, टेकचंद, रमन, कुलभूषण, अनुष शामिल रहे। संजाैली कॉलेज इकाई के धरने में रजनी, मिनाक्षी, अंकिता, मनोज, आशिष रपटा, रोहित, दीक्षित ने भाग लिया। आगामी दिनों में एबीवीपी फिर से धरना देगी।

एजुकेशन रिपोर्टर| शिमला

रूसाऔर फीस वृद्धि के खिलाफ छात्र संगठन एबीवीपी ने प्रदर्शन शुरू कर दिए है। वीरवार को शहर के कॉलेज कैंपस में छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। आरकेएमवी, कोटशेरा अौर संजौली कॉलेज में छात्र छात्राओं ने प्रदर्शन किया। एबीवीपी का कहना है कि रूसा सिस्टम को जल्दबाजी में लागू किया गया है। अभी तक कई छात्रों के रिजल्ट तक घोषित नहीं हुए है। जिस कारण उन्हें अगली कक्षा का रिजल्ट नहीं मिल रहा है।

संजौली कॉलेज इकाई सचिव अभिलाष का कहना है कि अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए विवि प्रशासन और प्रदेश सरकार ने छात्रसंघ चुनाव पर प्रतिबंध लगाया है। इस कारण छात्रों से उनका लोकतांत्रिक अधिकार छीना गया है। उनका कहना है कि रूसा सिस्टम के लागू करने से जहां छात्रों पर पढ़ाई का बोझ बढ़ रहा है, वहीं लोकतांत्रिक अधिकारों को भी छीना गया है। फीस वृद्धि पर जो हाई पावर कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी है, सरकार उसे सार्वजनिक नहीं कर रही है। छात्रों से भारी भरकम फीस वसूली जा रही है।

कोटशेरा कॉलेज इकाई ने भी फीस वृद्धि, रूसा सिस्टम और एससीए चुनाव पर धरना प्रदर्शन किया। इकाई अध्यक्ष अनिकेत गाजटा का कहना है कि प्रशासन छात्रों के अधिकारों को छीनने का प्रयास किया है। शिक्षकों की कमी भी बनी हुई है, ऐसे में रूसा के लागू किए जाने की वजह से छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छात्र संगठनों की मांग है कि च्वायस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को पारदर्शी और तर्कसंगत बनाया जाए। क्योंकि सेमेस्टर सिस्टम के तहत छात्रों के रिजल्ट समय पर घोषित नहीं हो पा रहे हैं जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कालेजों में रिक्त पदों की संख्या को देखते हुए नई शिक्षा प्रणाली कैसे सही तरीके से लागू हो पाएगी।