चार मेडिसन स्टोर बनाने का प्रोजेक्ट फेल
^अब जिला के मेडिसन स्टाेरों का विस्तारीकरण किया जा रहा है। पहले प्रोजेक्ट मैन पावर की कमी से रद्द करना पड़ा। डॉ.राकेश शर्मा, निदेशकस्वास्थ्य विभाग
अब सीएमओ होगा आईओ
जिलाके मेडिसन स्टाेर के विस्तारीकरण में इनडेंट ऑफिसर (अाईओ) में भी तबदीलियों की गई हैं। पहले दवाइयों के ऑडर बीएमओ तक दे सकते थे लेकिन इस योजना के शुरू होने के बाद जिला के अस्पतालों के लिए दवाइयां का ऑर्डर केवल सीएमओ ही करेगे। जिले के स्टाेर में दवाइयों के स्टॉक में कमी आने पर तुरंत आॅनलाइन ऑर्डर करेगा।
भास्कर न्यूज | शिमला
प्रदेशकेलोगों को अस्पतालों में बेहतर गुणवत्ता वाली दवाइयां मुहैया होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग जिला स्तर के मेडिसन स्टोरों में फेरबदल करेगा। इसके लिए नई योजना तैयार कर ली गई है। इस योजना के तहत सभी जिलों के मेडिसन स्टोर का विस्तारीकरण किया जाएगा। इसके अलावा इन मेडिसन स्टोरों को ऑनलाइन भी जोड़ा जाएगा। इन स्टोर में पहुंचने वाली अलग-अलग कंपनियों की दवाइयों के सैंपल टेस्ट के लिए भेजे जाएंगे। मरीजों को बेहतर गुणवत्ता वाली दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने यह कदम उठाया है।
जिलास्टाेर होंगे हाईटेक
विभागने इसके बाद निर्णय लिया जिला में पहले से ही मौजूद मेडिसन स्टाेरों का विस्तारीकरण करेगा। इसमें अलग से कर्मचारी तैनात करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। खाद्य आपूर्ति निगम टेंडर कर दवाइयों को डिमांड के मुताबिक इन स्टोरों में भेजेगा। इन स्टोरों को सीधा निदेशालय के साथ जोड़ा जाएगा। विभाग के आलाधिकारी भी जिला के मेडिसन स्टोर पर ऑनलाइन नजर रख पाएंगें।
पहलेयोजना नहीं चढ़ी सिरे
पहलेस्वास्थ्य विभाग की प्रदेश में चार दवाई स्टोर खोलने की योजना थी लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ पाई। इस प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए काफी मैन पावर की जरूरत थी। इस प्रोजेक्ट के लिए विभाग ने जिलों तक का चयन कर लिया था। स्टोरों को चलाने के लिए जब अलग से कर्मचारियों की तैनाती का आकलन किया तो विभाग ने अपने हाथ खड़े कर लिए। दवाइयों के टेस्ट के लिए भेजे जाने वाले सैंपलों को कंपनी के रेपर के साथ नहीं भेजा जाएगा। टेस्ट के लिए लेब में भेजे जाने वाले सेंपलों की कोडिंग होगी।