शिमला में सरकार के खिलाफ बोलेंगे हल्ला
बिलासपुर: भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ की राज्य स्तरीय बैठक में उपस्थित प्रेम कुमार धूमल अन्य।
इससे पहले भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी एचएन कश्यप संयोजक राजेश ठाकुर ने भी पंचायती राज संस्थाओं के नुमाइंदों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जिला परिषद सदस्यों के 50 तथा बीडीसी सदस्यों के 30 फीसदी बजट में से 20-20 फीसदी पर कैंची चला दी गई है। कांग्रेस का बस चलता तो वह पंचायती राज संस्थाओं को ही भंग कर देती। सरकार के इस फैसले का पुरजोर विरोध किया जाएगा। प्रदेश भर से पंचायती राज संस्थाओं के हजारों नुमाइंदे शिमला में सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेंगे। इसकी रूपरेखा जल्द तैयार की जाएगी। इस मौके पर विधायक रिखीराम कौंडल, रणधीर शर्मा, पवन राणा, राकेश गौतम, जगदेव अमर सिंह ठाकुर मौजूद थे।
शक्तियां छीनने के विरोध में भाजपा करेगी आंदोलन
भास्कर न्यूज| बिलासपुर
प्रदेशसरकारद्वारा पंचायती राज संस्थाओं के बजट शक्तियों पर चलाई गई कैंची के खिलाफ भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ आंदोलन शुरू करने की तैयारी में है। रविवार को बिलासपुर के किसान भवन में आयोजित प्रकोष्ठ की राज्य स्तरीय बैठक में इसकी रूपरेखा तैयार की गई। जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। निर्णय लिया गया कि जिला मंडल स्तर पर प्रकोष्ठ की बैठकें आयोजित की जाएंगी। उसके बाद मार्च-अप्रैल में प्रकोष्ठ का महासम्मेलन होगा।
छीनीजा रही शक्तियां
बैठकको संबोधित करते हुए प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि राम राज्य की कल्पना पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से ही साकार हो सकती है। इसी के मद्देनजर भाजपा कार्यकाल में पंचायती राज प्रणाली को विकसित करने की मुहिम शुरू की गई थी। लेकिन मौजूदा सरकार इन्हें कमजोर करने पर तुली हुई है। सत्तारूढ़ दल विकेंद्रीयकरण नहीं चाहता। इसी मकसद से पंचायती राज संस्थाओं को कमजोर करके पंचायत नुमाइंदों की शक्तियां छीनी जा रही हैं। जिला परिषद, बीडीसी पंचायतों में वर्ष 2010 में हुए चुनाव में भाजपा समर्थित नुमाइंदों का पलड़ा भारी रहा था। कांग्रेस ने सत्ता में आते ही उन पर कब्जा करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए।
धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार की इस रजवाड़ाशाही मानसिकता को करारा जवाब देने की जरूरत है। जैसा बर्ताव वह पंचायती राज संस्थाओं इनके नुमाइंदों के