5% भवन भी नहीं होंगे रेग्युलर
अवैध निर्माण की निगरानी के लिए उड़नदस्ते गठित
एक सप्ताह बाद भी नहीं पहुंची चेक लिस्ट
टीसीपी एक्टमें संशोधन कर अध्यादेश ला दिया है। इसके तहत आवेदन करने के लिए 45 दिन की समयावधि तय की है। सप्ताह भर बीतने के बावजूद अब तक नगर निगम शिमला में चेक लिस्ट नहीं पहुंची है। इसके बगैर निगम किसी का भी आवेदन स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है। आवेदन स्वीकार करना तो दूर, निगम के अधिकारी इसके अभाव में लोगों को आवेदन कैसे करना है, यह भी नहीं बता पा रहे हैं। शिमला नगर निगम ही नहीं प्रदेश के सभी नगर निकायों में यही स्थिति है। अकेले नगर निगम शिमला में ही चार हजार से अधिक भवन मालिक भवनों को नियमित करवाने के लिए निगम कार्यालय में आवेदन करेंगे।
चेक लिस्ट पहुंचने से भवन मालिकों को आवेदन में देरी हो सकती है। 45 दिन में सारे दस्तावेज जमा नहीं हुए तो लोग भवन रेग्युलर करवाने के लिए आवेदन से वंचित रह जाएंगे।
मौके पर होगी कार्रवाई
बेसमेंट और एटिक पर रहेगी नजर: निगमप्रशासन की ओर से बनाए गए उड़नदस्ताें की नजर ज्यादातर उन लोगों पर होगी जाे रिटेंशन पॉलिसी के चक्कर में बेसमेंट अौर एटिक को बढ़ाने के चक्कर में हैं। अवैध निर्माण पर भी नजर रखेंगे। पकड़ में आने वाले मामलों को आयुक्त कोर्ट में लगाया जाएगा।
09 सितंबर,2014 के बाद के निर्मित अवैध भवन रिटेंशन पॉलिसी के तहत नहीं आएंगे। अध्यादेश में साफ तौर पर लिखा है कि 9 सितंबर से पहले के बने ऐसे भवन जो 70 फीसदी डेविएशन के दायरे में अाते हैं तो उन्हें एक निश्चित फीस और सभी जरूरी दस्तावेज जमा करवाने के बाद रेग्युलर किया जाएगा। 9 सितंबर के बाद बने भवनों के लिए आवेदन आते हैं तो वे स्वीकार नहीं होंगे।
^अवैध निर्माण के मामलों पर नजर रखने के लिए नगर निगम प्रशासन की ओर से उड़नदस्तों को गठन किया गया है। ये उड़नदस्ते अवैध निर्माण की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करेंगे और मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेंगे। अमरजीतिसंह, आयुक्त,नगर निगम शिमला
टीसीपी एक्टके तहत 45 दिन में आवेदन का लाभ उठाने के लिए शहर में अवैध निर्माण हो, इसके लिए नगर निगम ने उड़न दस्तों का गठन किया है। ये उड़नदस्ते हर वार्ड में अवैध िनर्माण पर नजर रखेंगे और कार्रवाई भी करेंगे। नगर निगम की एपी शाखा की ओर से गठित उड़नदस्तों में एपी ब्रांच और आरएंडबी शाखा के जेई अौर अन्य कर्मचारी होंगे। उड़न दस्तों