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जिले में बनेंगे दुर्घटना दावा निगरानी कक्ष
हाईकोर्टने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हर जिले में मोटर दुर्घटना दावा निगरानी कक्ष स्थापित करने के आदेश दिए हैं। उप पुलिस अधीक्षकों की निगरानी में इन कक्षों का कार्य मोटर वाहन अधिनियम के अनिवार्य प्रावधानों की अनुपालना सुनिश्चित करना होगा। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर न्यायाधीश तरलोक सिंह की खंड पीठ ने सोलन के अजय सिपहिया और अन्य की ओर से दायर की याचिका को जनहित याचिका मानते हुए यह निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने प्रदेश पुलिस को एक वेबसाइट शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं। इसमें सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ी सभी आवश्यक सूचनाएं दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही गई है। न्यायालय ने पुलिस को इनसे संबंधित एफआईआर और अन्य दस्तावेजों की कापी दावेदारों या ट्रिब्यूनल को भेजने तथा पुलिस स्टेशनों में इससे जुड़ी रजिस्टर रखने के भी निर्देश दिए। जिसमें ट्रिब्यूनलों को एफआईआर फार्म 54 की तिथि इत्यादि दी गई है। न्यायालय ने मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनलों के पीठासीन अधिकारियों को भी निर्देश दिए हंै कि वह पुलिस अभियोजन पक्ष बीमा अधिकारियों के साथ एक बार महीने में बैठक कर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 158(6) की अनुपालना सुनिश्चित करें। न्यायालय ने प्रधान गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक , सभी जिला न्यायाधीशों सभी जिलों के एसपी से आदेशों की अनुपालना रिपाेर्ट देने को कहा