ट्राइबल छात्रों पर एसएसए करेगा स्टडी
सर्वशिक्षा अभियान प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों पर अध्ययन करेगा। इन क्षेत्रों के स्कूलों में पढ़ रहें विद्यार्थियों के सामाजिक आर्थिक हालात को जानना अध्ययन का मुख्य केंद्र रहेगा। एसएसए ने एमएचआरडी को यह प्रस्ताव भेजा था। जिसे मंजूरी मिल गई है। किन्नौर लाहुल स्पीति जिलों के अलावा चंबा जिला के ट्राइबल क्षेत्रों के छात्रों को अध्ययन में शामिल किया जाएगा। इन क्षेत्रों के स्कूलों में कंप्यूटर एडिड लर्निंग (सीएएल) से दी जा रही सुविधाओं का कितना फायदा छात्रों को मिल रहा है इस का आंकलन किया जाएगा। सर्व शिक्षा अभियान ने अध्ययन के लिए टीम का गठन किया है। इस में एसएसए के अलावा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, सहित सेंट्रल यूनिवर्सिटी आईआईटी मंडी के फैकल्टी मेंबर को शामिल किया जाएगा। इन जिलों के करीब एक से डेढ़ हजार के करीब स्कूल इन क्षेत्रों में हैं जिन्हें अध्ययन में शामिल किया जाएगा।
रिजल्ट के बाद पाठ्यक्रम में बदलाव
सरकारकी तरफ से जनजातीय क्षेत्र के स्कूलों में छात्रों को दी जा रही शिक्षा का कितना फायदा छात्रों को मिल रहा है इस का पता लगाया जा रहा है। स्कूलों में ड्रॉप आउट रेट बढ़ रहा है इस के पीछे क्या कारण हैं, कंप्यूटर एडिड लर्निंग का कितना फायदा हुआ इस का आंकलन किया जा रहा है। अध्ययन में जो चीजें सामने आएगी उस के आधार पर बदलाव किया जाएगा। यह बदलाव टचिंग के अलावा पाठयक्रम में भी हो सकता है।
^जनजातीय क्षेत्रों में अध्ययन के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। अध्ययन के लिए टीम का गठन किया गया है। इस पर कार्य शुरु कर दिया गया है। घनश्यामशर्मा, राज्यपरियोजना निदेशक, एसएसए
इन पर होगा शोध
>ट्राइबल कम्यूनिटी
> क्रिटिकल स्टडीज ऑफ एसी गर्लज
> होम बेस परफॉर्मेंस
> कंप्यूटर एडिड लर्निंग