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केंद्र से मांगी पशु आयात करने के लिए मंजूरी

7 वर्ष पहले
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प्रदेशमें दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने हाइब्रीड पशुओं के आयात की अनुमति मांगी है। दिल्ली में आयोजित मंत्रियों के सम्मेलन में पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास पशुपालन मंत्री अनिल शर्मा ने यह मामला उठाया। केंद्रीय कृषि मंत्री राजमोहन सिंह से मुलाकात कर प्रदेश में पशुओं की संख्या में रही कमी की समस्या को उजागर किया। प्रदेश में अच्छी किस्म की गाय-भैंस की ग्रामीणों को व्यापक कमी खल रही है। दूध देने की स्थिति में ग्रामीण पशुओं को नकारा छोड़ रहे है।

केंद्रीय मंत्री को बताया गया कि देश के विभिन्न प्रांतों के पशुओं से जो क्राॅस ब्रीड करवाई जा रही है वह यहां कामयाब नहीं हो पा रही। उन्हें बताया गया कि प्रदेश की भूगौलिक परिस्थिति देश के अन्य राज्यों की तुलना में काफी भिन्न है इसलिए यहां यह सफल नहीं है। इसके लिए उन्होंने केंद्र से ऐसे देशों से पशुओं को आयात करने को कहां जहां की भूगौलिक परिस्थितियां प्रदेश से मिलती जुलती है। मंत्री अनिल शर्मा ने बताया कि वर्ष 2012 में प्रदेश में पांच से सात प्रतिशत दुधारू पशुओं की संख्या में कमी आई है।

स्थापितहों कूलिंग यूनिट

अनिलशर्मा ने केंद्रीय मंत्री राजमोहन सिंह से प्रदेश में दुध को अधिक दिनों तक सुरक्षित रखने के लिए कूलिंग यूनिट सोसायटी स्थापित करने के लिए पैसे की मांग की ताकि वहां पर ग्रामीणों से खरीदे जाने वाला दूध अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सके और सरकार को बाहर से दूध का अधिक समय तक सुरक्षित रखने मे जो खर्चा रहा है उसे कम किया जा सके मंडी में स्थापित मिल्क प्लांट किया जाएगा अपग्रेड जिला मंडी में स्थापित मिल्क प्लांट को अपग्रेड किया जाएगा। इसको लेकर जल्द ही राज्य सरकार केंद्र को एक प्रस्ताव भेजेगी। इसके तहत उक्त प्लांट को अपग्रेड करने के लिए 15 करोड़ रुपए की राशि को प्रावधान किए जाने का आग्रह किया जाएगा। पशुपालन विभाग ने इस दिशा में उचित कदम उठाने शुरु कर दिए है।

बीते दिनों दिल्ली में केंद्रीय मंत्री राजमोहन राय की अध्यक्षता में आयोजित हुई सभी राज्यों के मंत्रियों की बैठक में पशुपालन मंत्री अनिल शर्मा यह मामला उठा चुके है। अपग्रेडेशन के तहत उक्त प्लांट की क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा।

वर्तमान में मंडी जिला में स्थापित मिल्क प्लांट की क्षमता 30 हजार के करीब है। यहां अभी क्षमता में अनुरूप दूध एकत्रित नहीं हो पा रह