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आधार कार्ड दो, तभी निकलेगा मनरेगा का पैसा
प्रदेशमेंमनरेगा के दिहाड़ीदारों को पैसा देने के लिए केंद्र ने नई शर्त लगा दी है। इन्हें आधार नंबर बैंक में देने के बाद ही मनरेगा का पैसा मिल सकेगा। केंद्र ने मनरेगा के कामगारों के आधार नंबर की बैंक के साथ लिंकेज अनिवार्य कर दी है। इसके पायलट प्रोजेक्ट के लिए हिमाचल को चुना है। प्रदेश में इस समय महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत प्रदेश में आठ लाख 84 हजार कामगार है। जो योजना के तहत काम कर रहे हैं। अब इन कामगारों को अपना मासिक पैसा लेने के लिए बैंक में अपना आधार नंबर जमा करवाना होगा। केंद्र सरकार की ओर से दो अक्टूबर को प्रदेश में इसकी शुरुआत होगी। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने केंद्र के निर्देशों के बाद इस दिशा में काम करना भी शुरू कर दिया है। विभाग प्रदेश में मनरेगा के दिहाड़ीदारों से उनका आधार नंबर ले कर बैंक के साथ उसकी लिंकेज कर रहा है। इसके बाद ही प्रदेश में सभी कामगारों को उनका वेतन मिल सके।
अभीसीधा अकाउंट में आता था पैसा : अभीमनरेगा कामगारों का पैसा सीधा बैंक अकाउंट में आता था। आधार लिंकेज की शर्त नहीं थी। पंचायत जॉब कार्ड धारकों से बैंक अकाउंट नंबर लेते थे। उसी के अनुसार दिहाड़ी जाती थी। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने यह निर्णय लिया है। जिसे हिमाचल में पॉयलट आधार पर लागू किया जा रहा है।
80 फीसदी का हो चुका आधार से लिंकेज
सूचनाएवं प्रौद्योगिकी विभाग ने प्रदेश में 80 प्रतिशत मनरेगा के कामगारों से उनका आधार नंबर लेकर उनका संबंधित बैंक के साथ लिंकेज कर दिया है। शेष बचे बीस प्रतिशत कामगारों से उनका आधार नंबर एकत्रित किया जा रहा है। विभाग का दावा है कि महीने के अंत तक प्रदेश में सभी 8.84 लाख दिहाड़ीदारों से उनका आधार नंबर लेकर उसे बैंक के साथ जोड़ दिया जाएगा।
यहयोजनाएं जुड़ चुकी हैं आधार से : प्रदेशमें केंद्र सरकार ने कई योजनाओं को आधार के साथ जोड़ा हुआ है जिस में स्कूल छात्रवृति योजना, पेंशन आदि शामिल है। अब केंद्र मनरेगा का वेतन इस योजना के साथ जोड़ने जा रहा है। इसके बाद प्रदेश में कामगारों के वेतन को लेकर किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं रहेगी और ऐसा करने से केंद्र के पास प्रदेश में मनरेगा के कामगारों का सही पूरा रिकार्ड रहेगा। अभी प्रदेश में मनरेगा की दिहाड़ी सीधे लोगों के बैंक खाते में ही जाते है जिस में पता नहीं चल पाता की काम कौन कर