पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से दर्ज होंगे अपराधियों के बयान

वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से दर्ज होंगे अपराधियों के बयान

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अंडरट्रायल अपराधियों को अब अदालत में बार बार पेश करने के लिए लाने ले जाने की टेंशन खत्म होगी। पुलिस की हिरासत से कैदी भाग भी नहीं पाएंगे। प्रदेश की चार जेल से विडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में बयान दर्ज किए जाएंगे। मंडी, कुल्लू, चंबा ऊना की जेलों को वीडियों कांफ्रेंसिंग की सुविधा से जोड़ा गया है। जेल के अधिकारी कोर्ट में वीडियों कांफ्रेंसिंग कर बयान दर्ज करेंगे। अपराधियों का रिमांड बढ़ाना है, उस का फैसला कांफ्रेंसिंग में ही हो जाएगा। अभी यह सुविधा प्रदेश की चार जेलों में शुरु की गई है। इसे अन्य जेलों में भी शुरु करने की योजना है। 10 से 11 बजे के बीच यह वीडियों कांफ्रेंसिंग की जाती है। कुल्लू की जेल में जगह कम होने के कारण कई कैदियों को मंडी शिमला में शिफ्ट किया गया है। इन्हें लाने ले जाने में काफी खर्चा होता है। इस सुविधा के बाद यह खर्चा बच जाएगा।

जेल विभाग की इस योजना के कई फायदे हैं। अपराधियों को कोर्ट में पेशी पर लाने ले जाने पर आने वाला खर्चा बचेगा। संगीन अपराध में संलिप्त कैदियों को पुलिस वाहन में ले जाना पड़ता है। इस में काफी खर्चा होता है। वहीं अपराधियों के भागने का भी डर रहता है। कई बार बसों में भी अपराधियों को ले जाया जाता है। पुलिस हिरासत से कई बार कैदी भाग चुके हैं। विडियों कांफ्रेंसिंग की सुविधा के बाद यह टेंशन खत्म हो जाएगी। अपराधियों को लाने ले जाने के लिए लगाने जाने वाले पुलिस कर्मियों को अन्य कार्यों में लगाया जा सकता है। हिमाचल में 20 जेल हैं। इन में करीब 1400 के करीब अपराधी है। अंडर ट्रायल कैदियों को पेश करने के लिए कोर्ट लाना पड़ता है।