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आग लगने पर रावण की आंखों में आएंगे आंसू

7 वर्ष पहले
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जाखूकेहनुमान मंदिर में रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले बनाने का काम शुरू हो गया है। रावण का पुतला बनाने के काम में लगे शाहनवाज बदरूद्वीन ने बताया कि जिस समय रावण के पुतले का दहन होगा तो इसकी आंखों से आंसू और मुंह से आग की लपटें निकलेगी। उन्होंने बताया कि शिमला में पहली बार इस तरह का दृश्य देखने को मिलेगा। उनका कहना है कि जब रण क्षेत्र में रावण ने देखा कि उसका सब कुछ खत्म हो गया है तो उसकी आंखो में आंसू झलक आए और क्रोध से आग उगलने लगा। वहीं दृश्य इस बार दशहरे में देखने को मिलेगा। रावण का पुतला 40 फीट, कुंभकर्ण 35, मेघनाथ की हाइट 35 फीट होगी। रावण के पुतले के दहन से पहले रंग बिरंगी आतिशबाजी का भव्य नजारा देखने को मिलेगा। यह नजारा पूरे आधे घंटे तक चलेगा। आतिशबाजी का यह सामान यूपी से लाया गया है। जिसका लोग भरपूर आनंद लेंगे। रावण का दहन रिमोट कंट्रोल से किया जाएगा। वहीं संकटमोचन में पुतले को बनाने का काम पूरा कर लिया गया है।

दसलोगों की टीम बनाती है पुतले :कलाकार शाहनवाज बदरूद्वीन का कहना है कि वो शिमला के जाखू और संकटमोचन मंदिर में 20 दिनों में रावण मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले को बनाकर तैयार करते है। जिसमें उनके साथ लगभग 10 लोगों की टीम सहयोग करती है। इसमें मोहसिन खान, अहमद नदीन, आर फीन, साजन, बिहार के दयाराम सहित अन्य पुतले बनाने में सहयोग कर रहे हैं।

रावण , मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले बनाने का काम आरंभ कर दिया है। दशहरे से पहले यह बनकर तैयार हो जाएंगे। इस बार खास वॉटरफॉल भी बनाया जाएगा। जिसकी 50 फीट लैंथ होगी। इस बार रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले को बनाने का खर्च एक लाख तीस हजार के लगभग आएगा। जीसीनेगी, शहरीएसडीएम

इस बार जाखू दशहरे में वॉटर फॉल आकर्षण का केंद्र रहेगा। जिसमें रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों के पीछे वॉटर फॉल फिट करेंगे। इसमें सभी को एक कनेक्शन देंगे। एक साइड पर आग लगने पर यह सभी एक साथ जल उठेंगे। यह जलते हुए एक साथ नीचे की ओर आएंगे। मानो के पानी का झरना पहाड़ की तरफ से नीचे रहा हो। उधर शाहनवाज बहरूद्वीन का कहना है कि उनके पिताजी इस काम को पिछले 45 वर्ष से कर रहे थे वो जांलधर में पुतले बनाते है। शिमला के जाखू और संकटमोचन में पिछले 10 सालों से लगातार पुतले बनाने के लिए रहे है।