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स्कूली बच्चों का रिपोर्ट कार्ड आएगा घर

7 वर्ष पहले
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प्रदेशकेस्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए सरकार नई पहल करने जा रही है। सरकारी स्कूलों के छात्रों का वार्षिक रिपोर्ट कार्ड तैयार कर घर भेजा जाएगा। स्कूल प्रबंधन अभिभावकों के साथ मीटिंग कर छात्र की परफारमेंस को शेयर करेंगे।

बच्चों की खामियां या अचीवमेंट बताई जाएगी। यदि कोई अभिभावक मीटिंग में नहीं पाता तो उनके घरों को रिपोर्ट कार्ड भेजा जाएगा। स्कूल प्रबंधन अभिभावकों एसएमएस भी भेजेंगे। राज्य सरकार की तरफ से विस्तृत योजना तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी गई है। 110 करोड़ का प्रोजेक्ट है। केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इस योजना को शुरू किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश में 15 हजार स्कूलों में 10.50 लाख के करीब बच्चें अध्ययनरत है। सभी स्कूलों में इस योजना को शुरू किया जाएगा। ताकि शिक्षा के स्तर में सुधार लाया जाए।

प्रोजेक्ट तैयार कर केंद्र को भेजा गया है। केंद्र वित्तीय मदद देता है तो योजना को शुरू किया जाएगा। अलीरजा रिजवी, प्रधानसचिव शिक्षा

बच्चे ने तिमाही परीक्षा से मिड टर्म की परीक्षा में कितना इंप्रूव किया। छात्र के अंक बढ़े या घटे इस का आंकलन किया जाएगा। परफॉर्मेंस में यदि कमी पाई जाती है तो इस का आंकलन किया जाएगा। इस के आधार पर इंप्रूवमेंट की जाएगी।

कितना सुधार हुआ होगा आंकलन

रिपोर्ट कार्ड में छात्र की वार्षिक अचीवमेंट को मेंशन किया जाएगा। तिमाही परीक्षा में बच्चें की क्या परफॉर्मेंस थी, मिड टर्म परीक्षा तक इस में क्या इंप्रूवमेंट की गई। मिड टर्म से वार्षिक परीक्षा तक कितना इंप्रूव कर पाया। यह सारी चीजें रिपोर्ट कार्ड में मेंशन की जाएगी। ताकि बच्चे के पैरेंट्स को उसकी अचीवमेंट के बारे में भी सही पता चल सके।

राइट टू एजुकेशन (आरटीई) लागू होने के बाद स्कूलों में परीक्षाओं का पैटर्न अब नहीं रहा है। क्लास में पास फेल होने का चक्कर भी खत्म हो चुका है। सर्व शिक्षा अभियान द्वारा करवाए बेस लाइन सर्वे में खामियां नजर आई थी। छात्रों पर वार्षिक परीक्षाओं का डर खत्म हो रहा है। इसको लेकर यह सिस्टम तैयार किया गया है। अभिभावकों को बच्चों की खामियां बताई जाएगी।