मजबूरी का बस मालिक उठा रहे लाभ
शहरमें इन दिनों वन वे ट्रैफिक व्यवस्था है। इस कारण बसों को एक रूट से ही चलने की अनुमति है। जबकि कुछ बस मालिक यात्रियों की इस मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। कई बसों को टॉलैंड और बैम्लोई से मोड़ा जा रहा है। जिस कारण यात्रियों को आधे रास्ते में ही उतारा जा रहा है। यही नहीं यहां से संजौली के लिए बस में बैठने वाले यात्रियों से ओल्ड बस स्टैंड का किराया वसूला जा रहा है। जबकि यहां से छह रुपए किराया लगता हैं, जबकि उनसे 12 रुपए लिए जा रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि बस चालक मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। उधर, निजी बस यूनियन का कहना है कि इस मामले की यदि शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी। गौर रहे कि वन वे करने से यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कतें हो रही हैं। जिन यात्रियों ने हिमलैंड से संजौली जाना हैं, उन्हें पहले बस स्टैंड जाना पड़ रहा हैं। बस स्टैंड से वाया लक्कड़ बाजार ही बसें यात्रियों को मिल पा रही हैं। वहीं, निजी बसों को फायदा हो रहा है। निजी बस एक साथ चार से पांच रूट को कवर कर रही है।सड़क के डंगे को लगाने के लिए अभी और समय लग सकता है।
छोटे वाहनों के लिए दोनों तरफ जाने की छूट
पुरानेबस स्टैंड की ओर से छोटा शिमला की तरफ से जाने वाले छोटे वाहनों को हाईकोर्ट और मरीना होटल से छोटा शिमला जाने की व्यवस्था की गई हैं। इसके बाद जिसे छोटा शिमला से कसुम्पटी जाना है, उन्हें सीएम रेजिडेंस से होकर जाने दिया जा रहा है। यहां से छोटे वाहन भी सकते हैं और जा भी सकते हैं। दोनों तरफ से छोटे वाहनों को चलने की अनुमति दी गई हैं। इसके अलावा जिस वाहन को न्यू शिमला या खलीनी जाना है, उसे मरीना होटल से केएनएच से होकर जाने की व्यवस्था की गई हैं।