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बिना अध्यक्ष वाली एसएमसी के तहत रखे जा रहे शिक्षक
प्रदेशके स्कूलों में बिना एसएमसी अध्यक्ष के शिक्षकों की तैनाती की जा रही है। स्कूल प्रबंधन अपने स्तर पर शिक्षकों की भर्तियां कर रहा है। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के उप शिक्षा निदेशकों को सर्कुलर जारी कर नियमों के तहत भर्तियां करने के निर्देश जारी किए हैं। आदेशों में कहा गया है कि एसएमसी कमेटी का गठन संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में किया जाए।
कमेटी का चेयरमैन एसडीएम होगा, स्कूल का मुखिया कमेटी का सदस्य सचिव होगा, जबकि एसएमसी का अध्यक्ष कमेटी में सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। कमेटी के गठन की प्रक्रिया के बाद ही स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की जाए। सरकार द्वारा अपग्रेडेड स्कूलों में एसएमसी के तहत शिक्षक रखे जाएंगे। जिन स्कूलों में दो साल से शिक्षकों का पद खाली पड़ा हुआ है, वहां पर भी एसएमसी के तहत शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। उच्चतर शिक्षा निदेशक डाॅ. एसबी सेखरी की तरफ से यह सर्कुलर जारी किया गया है।
राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि एसएमसी के तहत भर्तियों से शिक्षा में गुणवत्ता नहीं आएगी। यदि भर्तियों को नहीं रोका गया तो संघ के पास कोर्ट जाने का विकल्प खुला है।
पदनाम पीरियड मासिक
पीजीटी 150 6000
पीजीटी 100 6000
टीजीटी 100 6000
एलटी 75 4500
पदनाम पीरियड मासिक
शास्त्री 75 4500
जेबीटी 75 3500 डीएम 75 4500
डीपीई 100 6000
एसएमसी के तहत स्कूलों में लगे शिक्षकों का मानदेय तय कर दिया है। 7 कैटेगरी के शिक्षक एसएमसी पॉलिसी के तहत तैनात किए जाएंगे।
एसएमसी में 7 कैटेगरी िशक्षकों की होगी भर्ती
शिक्षाविभाग द्वारा जारी सर्कुलर में एसएमसी के तहत तैनात किए जाने वाले शिक्षकों का मानदेय तय कर दिया गया है। प्रति पीरियड के हिसाब से इन शिक्षकों को मानदेय दिया जाएगा। सर्कुलर के तहत जेबीटी से लेकर पीजीटी के पद एसएमसी के तहत रखे जाएंगे। शिक्षकों की 7 कैटेगरी की भर्तियां इस पॉलिसी के तहत होगी। इसमें पीजीटी, टीजीटी, एलटी, शास्त्री, जेबीटी, डीएम डीपीई एसएमसी के तहत रखे जाएंगे।