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निगम अपने घाटे के डिपो लोगों को देगा

7 वर्ष पहले
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^निगम के जो डिपो घाटे में चल रहे हैं उन्हें सरकार बंद नहीं करेगी। नई अधिसूचना के तहत कोई भी डिपो ले सकता है। केसंजय मूर्ति, सचिवखाद्य एवं आपूर्ति विभाग

राज्य आपूर्ति निगम घाटे में चल रहे डिपो में तैनात कर्मचारियों काे निगम वहां से हटा कर कार्यालय में समायोजित करेगा। इससे स्टाफ की कमी दूर होगी और कार्यालय के काम में तेजी आएगी।

सरकार नेडिपुओं को चलाने के लिए लोगों को अोपन मार्केट का सामान बेचने की पहले से ही छूट दे रखी है। इसमें सरकार ने पहले ही स्पष्ट किया है कि वे डिपुओं में पीडीएस का सामान ओपन मार्केट के रेट में नहीं बेच सकता।

डिपो आबंटन में महिलाओं को तरजीह

डिपोकेआबंटन में अब सरकार ने महिलाओं को तवज्जो देगी। प्रदेश में वह जरूरतमंद महिलाएं और लोग जो डिपो खोल कर रोजगार चलाना चाहते हैं वे सरकार के इस फैसले के बाद निगम के डिपुओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद ये उनकी जिम्मेवारी रहेगी कि वे इन डिपुओं काे कैसे चलाते हैं। निगम ने ये कदम लगातार घाटे के कारण उठाया है।

भास्कर न्यूज | शिमला

राज्यआपूर्तिनिगम घाटे में चल रहे डिपुओं को बंद नहीं करेगा। बंद कर इन्हें आम लोगों को दिया जाएगा। इन डिपुओं में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के सामान के अलावा ओपन मार्केट का सामान भी बेचा जा सकेगा।

डिपुओं को घाटे से उबारने के लिए सरकार ने ये फैसला लिया है। लोगों की सुविधा का ख्याल रखते हुए सरकार इन्हें उन लोगों को सौंपेगी जो डिपो लेने का इच्छुक होगा और डिपुओं को लेने के लिए आवेदन करेगा। सरकार डिपुओं का आबंटन डिपो को लेकर जारी की गई नई अधिसूचना के तहत करेगी।

120डिपो घाटे में

राज्यआपूर्ति निगम के हिमाचल में 120 डिपो हैं। सभी घाटे में चल रहे हैं। सरकार और निगम को इन्हें चलाने में सालना दो करोड़ का घाटा उठाना पड़ रहा है। निगम का आधा पैसा डिपो धारकों की तनख्वाह पर खर्च हो रहा है। घाटे का जा दूसरा बड़ा कारण बताया जा रहा है वह दुकानों का किराया भी है जिसे राज्य आपूर्ति निगम को हर महीने वहन करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ इन डिपुओं की आय के बराबर बताई जा रही है। अब निगम ये घाटा और उठाने स्थिति में नहीं है। सरकार डिपुओं को बंद कर लोगों को देगी ताकि डिपो भी चलता रहे और इनसे लोगों का रोजगार भी जुड़ा रहे।