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फर्जी डीओ मामला: गुलेरिया ने ही किए थे स्पेशल सेक्रेटरी टू सीएम के जाली साइन

7 वर्ष पहले
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फर्जीडीओमामले में पुलिस ने जांच पूरी कर ली हैं। मुख्य आरोपी संजय गुलेरिया के खिलाफ अब पुलिस को पुख्ता सुबूत जुटा लिए हैं। फॉरेंसिक जांच से साफ हो गया है कि संजय गुलेरिया ने ही स्पेशल सेक्रेटरी टू सीएम के जाली हस्ताक्षर किए थे। ऐसे में अब चार्जशीट को अदालत में पेश किया जाएगा।

करीब एक वर्ष तक चली जांच के बाद पुलिस ने 350 पन्नाें की चार्जशीट तैयार की है। चार्जशीट में 15 आरोपियों के खिलाफ ठोस तथ्य का ब्याेरा दिया गया है।

साइबर कैफे में टाइप हुए फर्जी डीओ

खाते में पैसे डिपॉजिट

पुलिस ने संजय के बैंक खातों को खंगाला। संजय के पंजाब में भी खाता था। पुलिस ने इसका रिकार्ड भी चेक किया था। संजय अपने इसी खाते में पैसे डलवाता था। जैसे ही पैसे जमा होते थे वह निकाल लेता था।

पुलिस ने बताया है कि संजय गुलेरिया ने ही स्पेशल सेक्रेटरी टू सीएम के जाली हस्ताक्षर किए थे। इसकी जांच फाॅरेंसिक लैब से कराई। रिपोर्ट में फर्जी डीओ पर संजय की ही हैंडराइटिंग बताई गई है।

हैंड राइटिंग भेजी थी लैब

संजय गुलेरिया के अलावा बैचम साइबर कैफे में काम कर चुके सुरेंद्र, प्यारे लाल, पंकज, अमीचंद, वेद प्रकाश, प्रदीप, देशराज, जगदीश, संजीव शर्मा, अमर चंद, पवन सिंह, तारादेवी सुनील और राकेश कुमार को फर्जी आरोपी बनाया है। इनमें से अधिकतर अध्यापक हैं। इनकी ट्रांसफर को लेकर डीओ का प्रयोग किया था। पुलिस ने इस मामले में 50 गवाह तैयार किए हैं।

मालरोड स्थित बैंचम साइबर कैफे में ही फर्जी डीओ टाइप हुए थे। चार्जशीट में पुलिस ने कहा कि वहीं के एक कर्मचारी सुरेंद्र को गिरफ्तार किया था। जिसे दूसरा बड़ा आरोपी बताया है। इसने डीओ टाइप किए। पुलिस ने यहां से कंप्यूटर भी बरामद किया था। इस सिस्टम को पुलिस ने फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा। लैब में जांच के दौरान पुलिस ने उसी कंप्यूटर सिस्टम से पूरा रिकाॅर्ड बरामद कर लिया है। लैब की रिपोर्ट में यही बताया गया है।

इन्हें बनाया गया है आरोपी