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नहीं मिला रोल नंबर, परीक्षा देने से छूटे
पीजीडिग्री कॉलेज में चल रही एमए की सेमेस्टर वाइज की परीक्षा में कई स्टूडेंट्स को रोल नंबर नहीं मिले हैं। इस कारण ये स्टूडेंट्स पेपर नहीं दे पाए। इनमें से जिनकी जेब में एक हजार रुपए थे। उनको प्रबंधन ने स्ट्रे केस पर एक हजार रुपए फीस लेकर एक पेपर देने की मंजूरी जरूर दी है। मगर दूसरे पेपर को उन्हें यूनिवर्सिटी से रोल नंबर लेकर आने की हिदायत दी गई है।
क्याकहती हैं छात्राएं
पेपरदेने आई ज्योति, कामिनी, रूचि, ईशू, अंजना, पूजा, आशा ने बताया कि उन्होंने एमए के पेपर देने को फार्म भरे थे। यूनिवर्सिटी से रोल नंबर नहीं आने के बाद कॉलेज में पेपर देने इस उम्मीद से गए कि शायद यहां सूची में रोल नंबर मिल जाएगा, लेकिन यहां भी सूची में नहीं था।
इतनेपैसे नहीं थे जेब में
ज्योतिने बताया कि स्ट्रे केस की फीस एक हजार रुपए है। इतने पैसे स्टूडेंट्स के जेब में कहां होते हैं। उसने बताया कि समय पर डाक से एक हजार फीस का ड्राफ्ट लगाकर हिंदी का फर्स्ट सेमेस्टर का फार्म भरा था। रोल नंबर नहीं आया अब कॉलेज में दोबारा स्ट्रे केस पर पेपर देने इतने ही पैसे मांग रहे, यूनिवर्सिटी से रोल नंबर लाने का जिम्मा भी अभ्यर्थी को ही दिया जा रहा है। शिमला भी जाएं और हजार रुपए भी दें।
पैसे देने के बाद भी रोल नंबर देने और रिजल्ट घोषित होने गारंटी नहीं, अभ्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी के वीसी से आग्रह किया है कि अभ्यार्थियों को समय पर रोल नंबर भेजे जाएं। उधर प्रिंसिपल चंचल कपूर ने बताया कि स्ट्रे केस की एक हजार फीस यूनिवर्सिटी ने ही तय कर रखी है। इसमें कॉलेज प्रशासन कुछ नहीं कर सकता। बहरहाल रोल नंबर मिलने से कई स्टूडेंट्स पेपर देने से छूट गए।
रोल नंबर मिलने की वजह से परीक्षा नहीं दे पाई ये स्टूडेंट्स।