कालीबाड़ी में बसंत पंचमी पर श्रद्धालुओं ने की पूजा
बसंतपंचमीपर कालीबाड़ी में शनिवार को विशेष पूजा अर्चना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह नौ बजे प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम हुआ। इसके बाद दस बजे पुष्पांजलि हुई। जिसमें स्थानीय लोगों समुदाय के लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया और पुष्पांजलि दी। कालीबाड़ी मंदिर के सचिव डॉ. कल्लौल प्रमाणिक ने बताया कि मौसम खराब रहने के बावजूद भी श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा गया।
इस मौके पर हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें बंगिया सम्मेलनी के सचिव डॉ. सोमनाथ प्रमाणिक सहित कल्पना मजुमदार, शुभ्रा मुखर्जी , सुमना, राजस्वी, सुमन भटटाचार्य, सुमित कल्लौल सहित अन्य पदाधिकारियों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।
स्कूल जाने वाले नौनिहालों ने इस पूजा में विशेष रूप से भाग लिया। इस दौरान पंडित गरांग ,जयदेव चक्रवर्ती ने हवन यज्ञ पूजा करवाई।
इस मौके पर स्कूल जाने वाले बच्चे सानवी ठाकुर, आयन, सवता, सनिग्धा गोयल ने स्कूल जाने से पहले अक्षर लिख कर विद्या का शुभारंभ किया। बच्चों ने अपने किताबों, कापियां, पैन माता सरस्वती के चरणों में रखी और पंडितों से पूजा करवाई।
इसके अलावा संगीत के बच्चों ने भी अपने यंत्र सरस्वती के चरणों में रखे और आशीर्वाद लिया। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं को माता का प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान मंदिर में सरस्वती माता के जयकारों से पंडाल गूंज उठा। मंदिर में भजन कीर्तन का आयोजन किया गया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं ने मंदिर में पीली चीजों का दान किया।
सरस्वती माता की मूर्ति
रही आकर्षण का केंद्र
इसमौके पर सरस्वती माता की मूर्ति श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। माता की मूर्ति और पंडाल को भव्य रूप से सजाया गया था। यह मूर्ति कोलकत्ता से आए कमल कलाकार ने अक्तूबर महीने के नवरात्र उत्सव के दौरान बनाई थी। इसके बाद यह मूर्ति मंदिर के हाॅल में रख दी थी। बसंत पंचमी के दिन इस मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा मंदिर के पंडितो द्वारा की गई। इसके बाद अब इसे अगले नवरात्र उत्सव में आईटीवीपी तालाब में अन्य मूर्तियों के साथ विसर्जित किया जाएगा।
शिमला में शनिवार को बसंत पंचमी के अवसर पर कालीबाडी मंदिर में पूजा अर्चना करते लोग और किताबों की पूजा करवाते हुए बच्चे।