पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • बर्फबारी से बागवानों को राहत

बर्फबारी से बागवानों को राहत

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
गलु से फागू के बीच सड़क पर जमी बर्फ फोटो

बर्फबारी ने इस बार जिला के किसानों बागवानों को दे गया दगा

रिकांगपिओ| मौसम ने इस बार भी जिला के किसानों बागवानों को दगा दे गया। हालांकि जिला किन्नौर में शनिवार सुबह से ही मौसम ने एक बार फिर करवट बदली जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हलकी बर्फबारी निचले क्षेत्रों में भी रुक रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। जिस से जिले में मौसम के खराब होने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है जिससे लोगों को अपने घरों पर ही दुबक कर रहना पड़ा। हल्की बर्फबारी बारिश शुरू होने के साथ ही किसानों बागवान की आस बढ़ गई थी मगर समाचार लिखे जाने तक उम्मीद के मुताबिक बर्फबारी नहीं होने से उन्हें मायूस होना पड़ रहा है। इसी आशा में है कि जिले में जमकर बर्फबारी का दौर रहे लेकिन मौसम है ही किसान बागवानों के साथ आंख मिचोली कर रही है। गौर रहे कि जिला किन्नौर में अधिकतर स्थानों किसान बागवान खेती सिचाई से करते है और सर्दियों में अच्छी हिमपात होने से गर्मियों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलता है लेकिन इस र्ष जिला किन्नौर में के समान हिमपात होने से किसान बागवान परेशान है कि आखिर किस प्रकार गर्मियों के दौरान अपने खेतों बगीचों की सिंचाई कर पाए गे।

सिटी रिपोर्टर|ठियोग

ठियोगसहित अपर शिमला में शनिवार को नए महीनें फागुन की संक्रान्ति को इस सर्द सीजन की दूसरी बर्फबारी ने किसानों बागवानों की झोली उम्मीदों से भर दी है। शनिवार सुबह नौ बजे के बाद ठियोग के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हुई जो शाम तीन बजे तक लगातार रूक रूक कर होती रही। इस दौरान बीच में तेज हवाएं भी चलीं जिसकारण ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया। कुफरी,फागू और गलु में तीन से चार इंच ताजा हिमपात हुआ। शाम के समय भी मौसम खराब बना हुआ था जिससे रात में और बर्फ गिरने की संभावना बनी हुई है।

सेबबागीचों को लाभ

देरसे ही सही इस मौसम में फरवरी महीनें में दूसरी बार हुई बर्फबारी और बारिश से सेब बागवानों में खुशी छा गई है। हालांकि अभी भी सेब के पौधों के लिए इस मौसम में पर्याप्त नमीं नहीं हुई है लेकिन बागवानों ने बागीचों में खादें सेब के पौधों में डाली थीं उनके लिए यह नमी अच्छी है। इससे खादें जड़ों तक पंहुच जाएंगी। रविवार की बर्फबारी के बाद बागवानों ने बागीचों में खादें चूना आदि सेब के तौलियों में डाला था जिसपर और बर्फबारी से लाभ होने की आशा है।

उधर शनिवार को दिन में हुई बर्फबारी के कारण ठियोग और शिमला के बीच यातयात दिनभर प्रभावित होता रहा। कुफरी फागू के बीच बर्फ के कारण फिसलन के कारण यातायात अवरूद्ध होता रहा और वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा। छुट्टी का दिन होने के कारण सड़कों पर वाहनों की संख्या कम रही। बसों की आवाजाही भी कम रही। ठियोग के कई लोकल रूटों पर भी यातायात प्रभावित रहा। ठियोग और शिमला के अलावा नारकंडा ,खड़ापत्थर और चौपाल के लिए भी बसों की आवाजाही प्रभावित हुई। ठियोग के कई लोकल रूटों पर भी शनिवार को बसें नहीं चलीं।

परीक्षार्थियोंमें बर्फबारी के बाद बढ़ी चिंता

उधररविवार को टैट परीक्षा देने की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों में बर्फबारी के बाद चिंता है। परीक्षा के लिए ठियोग के कई युवाओं के परीक्षा केन्द्र शिमला अन्य स्थानों पर रखे गए हैं। यदि रात में और बर्फबारी हुई तो परीक्षा केन्द्रों तक पंहुचने में परेशानी सकती है। अब परीक्षार्थियों को चिंता होने लगी है कि वह अपने परीक्षा केंद्रों तक कैसे पुहंचेगे।

खबरें और भी हैं...