फोरलेन संघर्ष समिति ने निकाली विरोध रैली
फोरलेनसंघर्ष समिति के अध्यक्ष ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने बताया कि अब फोरलेन संघर्ष समिति का यह संघर्ष प्रदेश स्तर पर फैल गया है। हमीरपुर-मंडी सड़क की प्रारंभिक 3-डी की नोटिफिकेशन नेशनल हाइवे ऑथोरिटी एक्ट 1956 के अनुसार की गई है, वहीं परवाणू-शिमला नेशनल हाईवे पर भी प्रभावितों के हकों से खिलवाड़ होने वाला है। इसी कड़ी में शनिवार को जिला मुख्यालय कुल्लू में भी विरोध रैली निकाली गई है।
उन्होंने बताया कि फोरलेन संघर्ष समिति की लंबेे समय से मांग थी कि जिस भूमि के अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें नए भू-अधिग्रहण कानून 2013 के अनुसार मुआवजा दिया जाए। उन्होंने बताया कि सुन्दरनगर से मनाली तक के किसान पिछले करीब एक साल से निरन्तर नैशनल हाइवे ऑथोरिटी सरकार द्वारा भू-अधिग्रहण कानून 2013 की अवहेलना करते हुए असंवैधानिक ढंग से चलाई जा रही प्रक्रिया के विरुद्ध संघर्षरत है। इस भू-अधिग्रहण से हजारों किसान, बागवान, लघु उद्यमी, दुकानदार, किरायेदार जमीन से जुड़े मजदूर प्रभावित होंगे। कई बस्तियां पूरी तरह से उजड़ जाएंगी। उन्होंने बताया कि नैशनल हाइवे ऑथोरिटी प्रदेश सरकार द्वारा निरंतर संवैधानिक प्रावधानों की अवहेलना से गुस्सा, किसानों ने 11, 12, 13 फरवरी 2016 को प्रदेश सरकार नेशनल हाइवे ऑथोरिटी के विरुद्ध आक्रोश रैलीयां की। यह आक्रोश रैलियां सभी सात खंडों मनाली, कुल्लू, स्नोर, पंडोह, बदार, बल्ह तथा सुन्दरनगर में आयोजित की गई।
उन्होंने बताया कि भू-अधिग्रहण कानून 2013 में शहरी क्षेत्र के लिए गुणांक एक ग्रामीण क्षेत्र की ओर बढ़ते हुए गुणांक एक से दो लगाने का प्रावधान है। इस अवसर पर महासचिव ब्रजेश, कोषाध्यक्ष मंगत, मनाली खंड अध्यक्ष महेन्द्र, अध्यक्ष विनोद, दिनेश सेन आदि समेत कई लोग मौजूद थे।
मुम्बई हाईकोर्ट के फैसले पर अमल के निर्देश
हिमाचलसरकार ने पूरे प्रदेश के लिए गुणांक एक लगाने की घोषणा की है। जबकि मुम्बई हाईकोर्ट बिना किसी मापदण्ड के गुणांक एक लगाने प्रदेश सरकार के विवेकाधिकार को गलत ठहरा कर निरस्त कर चुका है केन्द्र के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 15 दिसम्बर 2015 को प्रदेश सरकार को लिखे पत्र में मुम्बई हाईकोर्ट के फैसले पर अमल के दिशानिर्देश दिया जा चुका है।
कुल्लू: फोरलेन संघर्ष समिति के किसान कुल्लू में रैली निकालते हुए।