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हिमाचल में बत्ती के चाहवान हुए अफसर

5 वर्ष पहले
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देश भर में वीआईपी कल्चर को खत्म करने के लिए मुहिम चली है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बाद लाल बत्तियों पर नकेल कसी गई है। इस फैसले के बाद हिमाचल सरकार ने भी कुछ ही लोगों को लाल बत्तियां दी हैं। प्रदेश के विधायकों को भी लंबी लड़ाई के बाद एंबर लाइट दी गई है। अधिकारियों को एक स्तर तक नीली बत्ती दी गई है।

बोर्ड निगमों के अध्यक्ष आैर उपाध्यक्ष बिना बत्ती के चल रहे हैं। सरकार को कई मर्तबा प्रस्ताव भेजने के बाद इन्हें अभी तक बत्ती नहीं मिल सकी है। इसके बावजूद हिमाचल में वाहन में बत्ती लगाने की इच्छा रखने वाले अधिकारियों की कमी नहीं है। प्रदेश परिवहन विभाग के माध्यम से राज्य के कई अधिकारियों ने फिर से बत्ती मांगी है। इममें से कुछ ने लाल, नीली तो कुछ ने एंबर लाइट की मांग की है।

सरकारके भेजेंगे प्रस्ताव

परिवहनविभाग ने भी सभी का संयुक्त प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजने की तैयारी कर ली है। इसे कैबिनेट में लाने की तैयारी है। मंगलवार को शिमला में होने वाली कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी के लिए लाया जाना है। हालांकि कुछ अधिकारियों ने नीली की बजाय एंबर लाइट की मांग भी विभाग के माध्यम से सरकार को भेज रखी है। अब विभाग सरकार के समक्ष अधिकारियों की इस मांग को रखेगा।

इन्हें एंबर लाइट: विधायकोंकी मांग पर सरकार ने इन्हें एंबर लाइट की सुविधा दी है। प्रदेश में न्यायिक अधिकारियों से लेकर कई कमीशनों के अध्यक्षों को भी लाल या नीली बत्ती की अनुमति दी गई है।

फील्ड में जाने पर सुविधा: राज्यसरकार ने समय-समय पर जरूरत के मुताबिक फील्ड में जाने वाले अधिकारियों को बत्ती लगाने की अनुमति दे रखी है। इसमें एसडीएम, आबकारी एवं कराधान विभाग के कुछ अधिकारी भी शामिल हैं।

इन्हें लाल, नीली बत्ती की सुविधा

प्रदेशमें सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद पहले चरण में राज्यपाल, सीएम, सीजे, मंत्रियों, मुख्य सचिव कोे ही लाल बत्ती दी गई। इसके बाद आला अधिकारियों को नीली बत्ती की सुविधा दी गई है।

ये भी इंतजार में

प्रदेशमें निगम, बोर्डों के अध्यक्ष आैर उपाध्यक्षों को अभी तक बत्ती की सुविधा नहीं मिल सकी है। इसके लिए कई बार सरकार के पास आवेदन भी पहुंचे हैं, लेकिन सरकार के स्तर पर फैसला नहीं हो सका है। हालांकि सर्वोच्च न्यायाल से पहले इन्हें लाल बत्ती लगाने की अनुमति थी। प्रदेश में वर्तमान में अध्यक्ष आैर उपाध्यक्षों की संख्या लगभग चार दर्जन के करीब है।

मंगलवार को होगी कैबिनेट बैठक

मंगलवारको शिमला में होने वाली कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव लाने के लिए इसका मसौदा तैयार कर दिया गया है। इसमें राज्य के पासपोर्ट अधिकारी, एजी, डीएफआे, एक्साइज के अधिकारियों के साथ नगर निगम शिमला के डिप्टी मेयर ने भी बत्ती के लिए आवेदन किया है। हालांकि कुछ आर्मी के अधिकारियों ने भी बत्ती के लिए आवेदन किया है। इतना ही नहीं राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष ने भी बत्ती की डिमांड सरकार के पास भेजी है।

डिप्टी मेयर ने किया आवेदन, विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष ने भी मांगी बत्ती

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