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कांगड़ा जिला में भी पीलिया फैला, 40 रोगी चपेट में

5 वर्ष पहले
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^आईपीएचविभाग पेयजल योजनाओं में सुपर क्लोरीनेशन नियमित रूप से कर रहा है। पेयजल पाइपों की लीकेज इसके सीवरेज पाइपों के को दुरुस्त करने का कार्य प्रगति पर है। पेयजल प्रदूषण से यह रोग नहीं फैल रहा। आईपीएच स्वास्थ्य विभाग पेयजल स्रोतों के सैंपल ले रहा है। अभी तक जिला में कोई भी ऐसा मामला नहीं पाया गया है। सीवरेज लीकेज टैंक अवरूद्ध होने की जब भी शिकायत आती है उसी समय इसे दुरुस्त कर दिया जाता है। अनिलबाहड़ी, चीफ इंजीनियर, आईपीएच धर्मशाला

भास्कर न्यूज | धर्मशाला

शिमलामें पीलिया फैलने के बाद अब जिला कांगड़ा में भी इसके फैलने के मामले सामने आने लगे हैं। पीलिया से अब तक जिला कांगड़ा में 40 रोगी विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में उपचाराधीन हैं तथा इनकी संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। इनमें से धर्मशाला, कांगड़ा बैजनाथ में रोगियों की संख्या अधिक है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक सामने आए रोगियों में यह रोग शिमला यात्रा के दौरान संक्रमण होने से फैला है। जबकि स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि वर्तमान में धर्मशाला अन्य क्षेत्रों में आईपीएच विभाग द्वारा पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई पाइपों में जगह-जगह लीकेज सीवरेज की पाइप लाइनों के साथ पेयजल की पाइपें होनेे से इस रोग के फैलने की अधिक संभावना है। इसके चलते जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीएम गुप्ता ने आईपीएच विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर को पत्र लिख कर शीघ्र इन कमियों को दूर करने का आग्रह किया है। साथ ही समय-समय पर पेयजल की सुपर क्लोरीनेशन के लिए भी कहा गया है। उन्होंने बताया कि पीिलया तेजी से फैलने वाली बीमारी है। इससे पीड़ित रोगी को लीवर संबंधी बीमारियों होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसकी चपेट में आने वाले रोगी को बहुत दिनों तक पता ही नहीं चल पाता क्योंकि कई बार इसके लक्षण नजर ही नहीं आते। रोगी को केवल बुखार एवं थकान महसूस होती है। इससे आम आदमी अंजान रहते हैं कि उन्हें कोई संक्रमण है। इससे बचने के लिए इन दिनों पानी को उबाल कर ही पीना चाहिए।

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