10 मिनट का सफर पौने घंटे में
लोअरबाजार में शुक्रवार को ट्रायल के लिए अग्निशमन की गाड़ी चलाई गई। अवैध रूप से सजाई गई दुकानों के चलते यहां जो सफर 10 मिनट में पूरा होता था, उसके लिए पौंना घंटा लग गया। उपायुक्त कार्यालय से गाड़ी शेरे पंजाब की ओर चली। जैसे ही गाड़ी अागे बढ़ने लगी, सबसे पहले टनल के समीप फंस गई। यहां पर रेहड़ी फड़ी वालों ने दुकानें लगाई हुई थी, इस कारण गाड़ी अागे नहीं निकल पाई।
फंसीरही गाड़ी
हालांकि,आनन फानन में लोगों ने अपनी दुकानों का हटाना तो शुरू कर दिया था, लेेकिन कई दुकानदारों के अवैध रूप से बढ़ाए गए सामान के कारण गाड़ी फंसी रही। इसी तरह रेंगती हुई गाड़ी सुंदर पंसारी के समीप पहुंची। यहां पर भी गाड़ी रूक गई। अग्निशमन के कर्मचारियों को गाड़ी निकालने में खासी मेहनत करनी पड़ी। अब सवाल उठ रहा है कि कि ऐसे में यदि कोई आपदा जाएं तो राहत बचाओं कार्य प्रभावित हो सकता है। प्रदेश उच्च न्यायालय ने लोअर बाजार में अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए है। इसके बावजूद सड़क के दोनों और फड़ी वाले धड़ल्ले से बैठे रहते है, जिसके कारण लोगो को भी आनेजाने में परेशानी उठानी पड़ती है।
आगेउठाते गए, पीछे बैठते गए
तहबाजारियोंको जहां एक ओर हटाया जा रहा था, वहीं दूसरी ओर वह पीछे से बैठ रहे थे। ऐसे में निगम का तहबाजारियों पर किसी तरह का कोई कंट्रोल नहीं है। बीते दिनाें लोअर बाजार में आगजनी की घटना हुई थी, हालांकि यह रात में हुई, लेेकिन सवाल यह है कि दिन के समय इस तरह की घटना हो जाए तो लोअर बाजार को बचाना मुश्किल हो जाएगा।
कोर्ट के आदेश भी नहीं मानते
प्रदेशउच्च न्यायालय ने आदेश दे रखे हैं कि लोअर बाजार में तहबाजारियों को बैठने दिया जाए। उच्च न्यायालय के आदेशों को कोई नहीं मान रहा है। नगर निगम की यह तहबाजारियों पर दरियादिली एक दिन भारी पड़ सकती है। एक छोटी सी चिंगारी भी लोअर बाजार को खाक कर सकती है, क्योंकि दमकल की गाड़ी तो बचाव राहत कार्य के लिए समय पर नहीं पहुंच सकती। बस स्टैंड तक जगह जगह तहबाजारी ढेरा जमाएं हुए हैं।
लोअर बाजार में दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण फायर ब्रिगेड नहीं निकल पाई और लोगों को चलने में काफी परेशानी