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19 को निरमंड में गरजेगी किसान सभा

5 वर्ष पहले
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डिजिटल राशनकार्डों का विरोध

भास्कर न्यूज | रामपुर बुशहर

किसानोंऔर बागवानों को सरकारी भूमि से बेदखली को लेकर सभा ने सरकार के खिलाफ आंदोलन खोलने का मन मना लिया है। सभा ने सरकार से मांग की है कि जिन किसानों ने सरकारी भूमि पर छोटे कब्जे किए हैं उनको मालिकाना हक दिया जाए। इन किसानों के पास यही जमीन है, जिस पर खेतीबाड़ी और बागवानी करके अपने परिवारों का भरण पोषण कर रहे हैं। इसी की मुद्दे को लेकर किसान सभा 19 फरवरी को निरमंड में सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगी।

बागवानोंऔर किसानों की समस्याओं पर किया मंथन

हिमाचलकिसान सभा की निरमंड इकाई ने शुक्रवार को इकाई अध्यक्ष देवकी नंद की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की।

इस बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने क्षेत्र के बागवानों और किसानों की समस्याओं को लेकर मंथन किया। किसान सभा ने चिंता जताई कि राज्य सरकार छोटे और मध्यम किसानों को जमीन से बेदखल कर रही हैए जबकि ये लोग इसी जमीन पर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में निरमंड खंड में वन विभाग ने जो कब्जे हटाए हैं उनमें से ज्यादातर गरीब और दलित वर्ग के किसान हैं। इस मौके पर इकाई सचिव पूर्ण ठाकुरए रणजीतए दयालए सुभाष और जगदीश सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।

बिजली कर्मी की मौत पर

सवाल

इसमौके पर माकपा सचिव ने मतियाना में बिजली कर्मी दीपक की मौत पर भी सवाल उठाए और इसके लिए बिजली बोर्ड को जिम्मेवार ठहराते हुए ठियोग में बिजली कर्मचारियों की भर्ती करने और उन्हें पूरी सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरण सामान देने की मांग की। उन्होंने कहा कि ठियोग में पिछले चार सालों से हर साल इस प्रकार की दुर्घटनाओं मंन कर्मचारियों की जान जा रही है। गांवों में बिजली के खंबों और लाईनों की हालत खस्ता है और कई जगह पेड़ों से तारें लटकी हुई हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को उचित मुआवजा उनके परिजनों को नौकरी तुरंत मिलनी चाहिए।

ठियोग में शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते माकपा सचिव अन्य सदस्य।

सरकार कम जमीन वालों पर कार्रवाई कर नीति बनाए

सभाने कहा कि प्रदेश सरकार ने 28 अगस्त 2015 को विधान सभा में प्रस्ताव पारित कर दस बीघा से कम जमीन वालों पर कार्रवाई कर नीति बनाने की घोषणा की थी लेकिन प्रदेश सरकार अपने किए हुए वादों को लागू नहीं कर रही। प्रदेश भाजपा भी इस मामले को लेकर मूकदर्शन बनी बैठी है। इससे दोनों राजनीतिक पार्टियों का असली चेहरा जनता के सामने आया है। किसान सभा सरकार की इस जनविरोधी नीति को खिलाफ गांव गांव में जाकर लोगों को संगठित कर रही है। किसान सभा ने प्रदेश सरकार से विधान सभा में पारित किए गए प्रस्ताव को लागू कर गरीब और सीमांत किसानों को राहत देने की मांग की है। इसी को लेकर किसान सभा 19 फरवरी को निरमंड में रैल निकालकर विरोध प्रदर्शन करेगी।

सिटी रिपोर्टर|ठियोग

माकपाकी ठियोग इकाई ने पहले से प्रयोग में लाए जा रहे राशनकार्डों के स्थान पर डिजीटल राशनकार्ड बनाने और सस्ते राशन की सबसीडी बैंक खातों में देने की योजना का कड़ा विरोध जताया है। शुक्रवार को में आयोजित माकपा की बैठक के बाद आयोजित प्रैस कान्फ्रैंस में बोलते हुए इकाई सचिव संदीप वर्मा, सदस्य कपिल भारद्वाज अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि ठियोग में रसोई गैस की सबसीडी भी कई उपभोक्ताओं के खातों में नहीं रही है ऐसे में गरीब लोगों को राशन की उनकी सबसीडी समय पर उनके खातों में आएगी इसकी कोई गांरटी नहीं है। बीपीएल अन्य गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों का गुजारा डीपू के राशन से ही चलता है और उनके पास एक साथ पूरी कीमत पर राशन लेने के लिए धन कहां से आएगा यह भी सरकार को बताना चाहिए। केन्द्र सरकार की उदारवादी नीतियों को आम जनता के विरूद्ध बताते हुए कहा है कि यह सारा षडयंत्र गरीबों की सबीसीडी को धीरे धीरे बंद करने का है और माकपा इसका पुरजोर विरोध लोगों के साथ मिलकर करेगी। उन्होंने कहा कि भराड़ा पंचायत में लोगों ने ग्रामसभा में भी डिजीटल राशनकार्डों का विरोध किया है। माकपा ने शिमला आसपास के इलाकों में फैले पीलिया के कारण लोगों के बीमार होने पर रोष जताया। सरकार की नाकामी बताते हुए उपाय करने की मांग की। पेयजल योजनाएं हैं उनके फिल्टर बैड हर साल बदले नहीं जा रहे हैं और केवल कागजों में कारवाई होती है। ठियोग अन्य गांवों कस्बों की गंदगी नीचे बहने वाली खड्डों, नालों बावड़ियों में मिलकर उन्हें प्रदूषित कर रही है इन सभी समस्याओं को लेकर 17 फरवरी को माकपा सभी संगठनों के साथ मिलकर ठियोग में विरोध प्रदर्शन करेगी।

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