पिकअप से कॉलेज जाने को विवश छात्र
हरिपुर तक एक्सटेंड की जाए बसें
ऐसेमें सभी ने निगम सेे कई बार लिखित में मांग भी की है कि आनी से श्वाड की ओर जाने और आने वाली दिनभर में चलने वाली करीब 115 से 20 बसों को निगान से करीब 500 मीटर आगे हरिपुर काॅलेज तक एक्सटेंड कर दिया जाए।
आनी: हरिपुर कालेज के लिए पिकअप से कालेज जाते हुए छात्र।
सिटी रिपोर्टर|आनी
आनीसे 6 किलोमीटर दूर हरिपुर में स्थित आनी के डिग्री काॅलेज तक बसों के आभाव में बच्चों को पिकअप, टिप्पर, ट्रकों आदि में लिफ्ट लेकर आना पड़ता है। जो ना केवल नियमों के खिलाफ है बल्कि जोखिम भरा भी है। बसों की कमी के चलते अपनी समस्याओं को लेकर आनी काॅलेज की एसएफआई इकाई ने कालेज के प्रिंसिपल आरके कायस्थ को भी एक ज्ञापन सौंपा है। जबकि काॅलेज के प्रिंसिपल ने भी छात्रों की मांग को जायज ठहराया है। काॅलेज में पढ़ने वाले छात्रों और प्रिंसिपल सहित सभी प्राध्यापकों और अविभावकों का कहना है कि काॅलेज में वर्तमान में आनी खंड के अलावा साथ लगते शिमला और मंडी जिलों के दूरदराज क्षेत्रों के करीब 670 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। जबकि काॅलेज के लिये आनी से केवल एक बस ही आती है। जबकि परिवहन निगम के पास बसों का टोटा होने के कारण दूसरी बस लगा पाना संभव नहीं है। ऐसे में काॅलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को पैदल काॅलेज तक जाना पड़ता है। जिसके कारण बच्चे काॅलेज में समय पर नहीं पहुंच रहे और कक्षाएं समय पर शुरू नहीं हो पाती। जबकि शाम को भी अधिकांश समय में बच्चे कक्षाएं खत्म होने से पहले ही काॅलेज से जाने को मजबूर होते हैं। फलस्वरूप बसें मिलने के कारण छात्रों को पिकअप,टिप्पर, ट्रकों आदि में लिफट लेने पर मजबूर होना पड़ता है।