वाल्मीकि समुदाय को देंगे जमीन
प्रदेशमेंवाल्मीकि समुदाय के उन सभी परिवारों को जो ग्रामीण अथवा शहरी क्षेत्रों में मकान बनाने के इच्छा रखते हैं, सरकार उन्हें घर बनाने के लिए भूमि उपलब्ध करवाएगी। ये बात मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शिमला में वाल्मीकि कल्याण बोर्ड की प्रथम बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
उन्होंने वाल्मीकि काॅलोनियों के योजनाबद्ध निर्माण पर बल देते हुए कहा कि काॅलोनियों के बेतरतीब निर्माण को स्वीकार नहीं किया जाएगा। वाल्मीकि समुदाय प्रदेश में जहां पर भी पहले से रह रहे हैं, उन्हें वहां स्थापित करने पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने इस समुदाय की समस्याओं काे तीन महीनों के भीतर समाधान करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
सरकार ने राज्य में सदियों से रह रहे वाल्मीकि समुदाय के लोगों को बोनाफाइड प्रमाण पत्र प्रदान करने की प्रक्रिया पर विचार करने का निर्णय लिया है। बैठक में पंचायतों को प्रदान किए जाने वाले महर्षि वाल्मीकि स्वच्छता पुरस्कार का नाम बदलकर कोई और नाम रखा जाएगा। ऐसे वाल्मीकि परिवारों, जिनके पास राज्य में कोई भूमि नहीं है, को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। नाहन स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर की मरम्मत के लिए समुचित धनराशि प्रदान करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कांगड़ा जिला के इंदौरा में कब्रिस्तान के लिये भूमि की संभावना का पता लगाने तथा धर्मशाला के योल में सैन्य अधिकारियों से इस समुदाय के लोगों के अलग-अलग मुद्दों को उठाने के लिए कांगड़ा के उपायुक्त को निर्देश दिए गए है। इसके अलावा बैठक में वाल्मीकि समुदाय के बच्चों को बिना किसी भेदभाव के वाल्मीकि छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत छात्रवृत्तियां प्रदान की जा रही है।