सीएम ने चायली को दिया हाई स्कूल, पशु औषधालय
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि विकास को और गति देने निर्माण कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग, विद्युत बोर्ड, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, कृषि और बागवानी विभागों को बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता है, जिससे कि इनका लाभ लोगों को समय पर मिल सके। मुख्यमंत्री शनिवार को शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के चायली में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के समय पर पूरा होने से पैसे की बचत होती है। इस दौरान उन्होंने चायली में 25 लाख रुपए की लागत से निर्मित उठाऊ सिंचाई योजना का लोकार्पण किया। यह योजना क्षेत्र के 800 परिवारों की सिंचाई जरूरतों को पूरा करेगी। इसके अलावा वीरभद्र सिंह ने राजकीय माध्यमिक पाठशाला चायली को उच्च पाठशाला करने आैर चायली के लिए पशु औषधालय की घोषणाएं की।
युवा कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर क्षेत्र का समान एवं संतुलित विकास सुनिश्चित बना रही है। उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य अधोसरंचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। ढली की सब्जी मंडी के निर्माण का कार्य शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया।
इससे पूर्व स्थानीय प्रधान मीरा देवी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष स्थानीय मांगें रखी और क्षेत्र के लिए उठाऊ सिंचाई आपूर्ति योजना के लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया। इस दौरान धर्मिला हरनोट, प्रदीप वर्मा, सोहन लाल,राजेश शर्मा, प्रमोद शर्मा, मीना देवी, राकेश शर्मा, दिनेश मल्होत्रा, डीडब्ल्यू नेगी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
जल्द पूरा हो टूटू-क्यार सड़क का काम
उन्होंनेएंबुलेंस सेवाओं के लिए टूटू-क्यार, चायली सड़क का कार्य शीघ्र पूरा करने आैर इन सड़कों का लोक निर्माण विभाग द्वारा रखरखाव एवं मरम्मत के लिए अपनाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 6.77 करोड़ रुपए की लागत से सिंचाई एवं पेयजल आपूर्ति की 14 योजनाएं पूरी की गई हैं, जबकि 25 योजनाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इन पर 114 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उन्हांेने कहा कि धामी के समीप 105 करोड़ रुपए की गरोड़-घंडल उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना तैयार की है। यह क्षेत्र की 39 पंचायतों को सुविधा प्रदान करेगी। इसका काम प्रगति पर है।
वन स्वीकृतियां देने में करें देर
सीएमने कहा कि वन मंडलाधिकारियों को वन स्वीकृति अधिनियम में एक हेक्टेयर में विकास गतिविधियां कार्यान्वित करने के लिए शक्तियां प्रदान की गई हैं। इसलिए उन्हें चाहिए कि वह एक हेक्टेयर तक वन स्वीकृतियां देने में अनावश्यक विलंब करें। इसके कारण अनेक सड़कें सिंचाई योजनाएं लंबित पड़ी हैं। उन्होंने किसानों से बे-मौसमी सब्जियों की पैदावार बढ़ाने पर बल दिया ताकि उन्हें इसके अच्छे दाम मिल सकें।
चायली में 25 लाख रुपए की लागत से निर्मित उठाऊ सिंचाई योजना का लोकार्पण करते मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह।