छात्र फेल हुआ तो ट्रेनर का कटेगा वेतन
स्किलडवलपमेंटकाॅरपोरेशन में एक नई व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। इसके तहत स्कूलों, काॅलेजों, आईटीआई आैर पाॅलिटेक्निक संस्थानों में कोई भी छात्र फेल होता है तो उसके ट्रेनर को इसका खामियाजा भुगतना होगा। इसमें छात्र के फेल होने पर ट्रेनर का वेतन कटेगा। आगामी वित्तीय वर्ष से ही इस व्यवस्था को लागू किया जाना है। इसमें खास बात है कि छात्रों की परीक्षाओं का मूल्यांकन भी थर्ड पार्टी के माध्यम से ही करवाया जाना है। इसमें अगर व्यवसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाला छात्रा वार्षिक परीक्षा में फेल हो जाता है तो इसकी गाज उसके ट्रेनर पर गिरेगी। सरकार उसके वेतन में कटौती करेगी। केंद्र सरकार ने एनएसक्यूएफ (नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क) में इसकी व्यवस्था कर दी है। प्रदेश में जो भी विभाग लोगों को स्किल की ट्रेनिंग दे रहा है, उन सभी पर इसे लागू किया जाना है। इसमें विभागों को एक टारगेट दिया जाएगा। इसके तहत उन्हें युवाओं को प्रशिक्षण देना है। इस नई गाइडलाइन के तहत अब कोई भी विभाग या ट्रेनर अपनी मनमर्जी से प्रशिक्षण नहीं दे सकेगा। सभी को कौशल विकास निगम के साथ समन्वय स्थापित कर इस काम को आगे बढ़ाना है। इस नई व्यवस्था में थर्ड पार्टी बच्चों का मूल्यांकन करेगी। इसमें अगर कोई छात्र फेल हो जाता है तो संबंधित ट्रेनर को उसकी तीसरी किश्त तब तक जारी नहीं की जाएगी जब तक बच्चे पास नहीं हो जाते।
व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने वाले केंद्रों की अब ऑन लाइन मानीटरिंग की जाएगी। एक केंद्र में कितने बच्चे प्रशिक्षण ग्रहण कर रहे, किस विषय का प्रशिक्षण ग्रहण कर रहे है, प्रशिक्षण ग्रहण करने के बाद छात्र क्या कर रहा है, इन सब की जानकारी कौशल विकास निगम के पास हर वक्त मौजूद रहेगी। इसके लिए निगम एमआईएस (मानिटरिंग ट्रेकिंग सिस्टम) को स्थापित करेगी।
अभीयह है व्यवस्था : सरकारप्रदेश में युवाअों को व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए हर साल करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। प्रशिक्षण ग्रहण करने के बाद युवा क्या कर रहे है, इसकी अभी को चैकिंग या जानकारी सरकार के पास नहीं है। ट्रेनर किस तरह का प्रशिक्षण छात्र को दे रहा है सरकार को इस की भी कोई जानकारी नहीं है। इस योजना को प्रभावशाली बनाने के लिए सरकार नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क के तहत काम करेगी।
^प्रदेश में जो भी विभाग स्किल की ट्रेनिंग दे रहे हैं। उन्हें टारगेट फिक्स किए जाएंगें कि उन्हें किस तरह का प्रशिक्षण छात्रों को देना है। थर्ड पार्टी इसका मूल्यांकन करेगी। बच्चे के फेल होने पर ट्रेनर को दी जाने पैसे कटेंगे। राजेशशर्मा, एमडी कौशल विकास निगम
नए सिरे से तैयार होगा पाठ्यक्रम
नेशनलस्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क के तहत सरकार नए सिरे से पाठ्यक्रम तैयार करेगी। बच्चों को किस तरह का प्रशिक्षण दिया जाना है इसके लिए स्टेंडर्ड नोर्मस तैयार किए जाएंगें। बच्चों का बाकायदा मूल्यांकन किया जाएगा। पास होने वाले छात्रों की प्लेसमेंट की इसमें व्यवस्था करवाई जाएगी। इसके लिए संबंधित ट्रेनर को प्लेसमेंट की जिम्मेवारी सौंपी जाएगी। ताकि पास होने वाले छात्र को रोजगार के अवसर आसानी से मिल सके।