हर जिले में बनेगा परशुराम भवन
मुख्यमंत्रीवीरभद्र सिंह ने किरायेदारों के कब्जे वाली मंदिर भूमि के मामले पर सभी उपायुक्तों को ऐसे मंदिरों को चिन्हित करने के निर्देश हैं। जहां सेवादार अथवा किरायेदार मंदिर सम्पत्ति के मालिक बन बैठे आैर मंदिरों को उपेक्षित कर दिया है। सीएम ने राज्य स्तरीय ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुुए कहा कि उपेक्षित मंदिरों के संचालन के लिए रिवाॅल्विंग निधि की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि एक समय था, जब मंदिरों में सेवा के बदले में आजीविका प्रबंध के लिए सेवादार को भूमि दी जाती थी, लेकिन समय के साथ-साथ वह इस भूमि के मालिक बन गए। मंदिरों में धार्मिक रस्मों को नज़रअंदाज कर दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में परशुराम भवनों आैर ब्राह्मण भवनों का निर्माण किया जाना चाहिए। इसके लिए समुदाय के लोगों को आवेदन करना होगा।
मुख्यमंत्री ने राज्य में न्यासों द्वारा संचालित प्रसिद्ध मंदिरों में पुस्तकालयों, जिनमें कर्मकांड अथवा धार्मिक पद्वति की चुनिंदा पुस्तकें हों, की स्थापना पर विचार करने का आश्वासन दिया।
गौसदनोंको संचालन करें
वीरभद्रसिंह ने ब्राह्मणों आैर अन्यों को गौ सदनों के निर्माण एवं संचालन के लिए आगे आने को कहा, हालांकि सरकार भी इसके लिए सहयोग करेगी। इस बात पर चिंता जताई कि कुछ लोग गौवंश का परित्याग करने के लिए उन पर लगाए गए टैग को भी हटा देते हैं। इस दिशा में लोगों की मानसिकता में बदलाव समय की आवश्यकता है। इसमें ब्राह्मण समुदाय महत्वपूर्ण सहयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि चंबा में गौवंश की हत्या में संलिप्त लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कुल्लू-चंबामें खुलेंगे कॉलेज
आर्थिकआधार पर लाभ प्रदान करने की समुदाय की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदिरा आवास योजना और राजीव आवास योजना के अन्तर्गत प्रत्येक समुदाय के परिवारों को जाति में छूट देते हुए लाभान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कुल्लू जिले के लूहरी के समीप खेगसू मंदिर के रखरखाव पर चिंता जाहिर की। इस मंदिर को आवश्यक रूप से न्यास के अधीन लाने की आवश्यकता है, क्योंकि यह एक प्रसिद्ध मंदिर है,
उन्होंने कहा कि पठानकोट के समीप डमटाल में प्राचीन राधाकृष्ण मंदिर को न्यास बनाने के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। राज्य स्तरीय संस्कृत अकादमी और कुल्लू आैर चंबा में संस्कृत महाविद्यालय खोलने के मामले पर विचार करने का आश्वासन दिया।
डाॅ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, संजय रतन, अतुल शर्मा, उपेंद्रकांत शर्मा,डीडी शर्मा, मस्त राम शर्मा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि गोरखा कल्याण बोर्ड की बैठक 24 फरवरी को शिमला में होगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शिमला में सुबह 11.00 बजे से बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
चंबा की बिजली परियोजना की जांच के निर्देश
शिमला|मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि जहां कहीं भी कब्रिस्तान या श्मशानघाट के निर्माण की मांग आती है, इसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने सभी उपायुक्तों को निर्देश भी जारी किए। अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड की 7वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम ने कहा कि पावंटा तहसील के मानपुरा देवड़ा कब्रिस्तान में चारदीवारी का निर्माण करने आैर हैंडपंप लगाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी शिशु गृहों, आश्रय गृहों, अनाथालयों नारी निकेतनों का समुचित प्रबंधन करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इनके आैचक निरीक्षण के निर्देश भी जारी किए। जल विद्युत परियोजनाओं के क्षेत्रों में 70 प्रतिशत मानदंड के आधार पर स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने समुदाय के प्रतिनिधियों की शिकायत पर चंबा जिले की चांजू-एक परियोजना में आईए-एनर्जी द्वारा क्षेत्र के लोगों को नौकरी देने के मामले में जांच करने को कहा। समुदाय के लोगों को सरकारी नौकरियों में पहले ही 15 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है। अल्पसंख्यक समुदाय को निजी क्षेत्र में भी वरियता देने के निर्देश दिए। हज यात्रा के लिए दिल्ली के बजाय चंडीगढ़ से उड़ानें शुरू करने के लिए अनुरोध पत्र लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटवारी से लेकर उपायुक्तों तक सभी फील्ड अधिकारियों को राज्य सरकार की सभी योजनाओं की विस्तृत जानकारी होनी चाहिए ताकि लाभार्थी जानकारी के अभाव में इनसे वंचित रहे। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डाॅ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसके साथ ही अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कल्याणकारी योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा दिया।
शिमला में राज्य स्तरीय ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह।