बिलासपुर| अस्पतालों में बच्चों को दी जा रही बुखार की दवाई की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। बिलासपुर अस्पताल में मौजूद पैरासिटामोल सिरप की अधिकांश बोतलों में कंकड़ जैसी कोई वस्तु पाई गई है। बुखार की दवाई से भरी इन सीलबंद बोतलों को ही छोटे बच्चों को दिया जा रहा है। मामला सामने आने पर अस्पताल प्रशासन ने इस दवा की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
बोतलों में कंकड़ जैसी वस्तु मिली
जानकारी के अनुसार बिलासपुर अस्पताल की डिस्पेंसरी में मौजूद बुखार की दवा की बोतलों में कंकड़ जैसी कोई वस्तु पाई गई है। डिस्पेंसरी से किसी बच्चे को दी गई दवा की यह शीशी जब उसके अभिभावकों ने खोली तो उसमें कंकड़नुमा पदार्थ निकला। इस पर उन्होंने अस्पताल प्रशासन को इसकी सूचना दी। जांच करने पर पाया गया कि नवंबर 2014 की मेनुफेक्चरिंग डेट वाली पैरासिटामोल ओरल सॉल्यूशन नामक इस दवा की अधिकांश सीलबंद शीशियों में इस तरह का संदिग्ध पदार्थ था।
कंपनी पर उठे सवाल
इससे न केवल दवा की गुणवत्ता, बल्कि इसे सप्लाई करने वाली कंपनी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि अभी यह खुलासा नहीं हो पाया है कि बुखार की दवा की इन बोतलों में पाया गया कंकड़नुमा पदार्थ क्या है और इसका सेवन करने वाले बच्चों की सेहत पर इसका कितना प्रतिकूल असर पड़ा है।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
इस बारे बिलासपुर अस्पताल के एसएमओ और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश शर्मा ने कहा कि दवा की गुणवत्ता और उसमें मौजूद संदिग्ध पदार्थ की जांच के लिए सैंपल भरने के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।