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प्रदूषण बोर्ड के साइंटिफिक अफसर से तीन घंटे पूछताछ, SIT ने पूछे कई सवाल

5 वर्ष पहले
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शिमला. पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने पीलिया मामले में वीरवार को प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के साइंटिफिक अफसर से लंबी पूछताछ की। करीब तीन घंटे चली पूछताछ के दौरान एसआईटी ने उनसे कई सवाल पूछे और जवाब लिए। पीलिया के मामले में एसआईटी ने प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से दूसरी बार पूछताछ की है। इससे पहले एसआईटी मामले में बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता से भी पूछताछ कर चुकी है।
क्वालिटी कंट्रोल मामले में जांच शुरू
साथ ही मामले में प्रदूषण बोर्ड के सदस्य सचिव से भी एसआईटी जवाब मांग चुकी है। सदस्य सचिव को पुलिस ने प्रश्नावली भेजी थी। एसआईटी ने क्वालिटी कंट्रोल मामले में जांच अभी शुरू ही की है। एसआईटी अभी मामले में बोर्ड के कई बड़े अफसरों से भी पूछताछ कर सकती है। शहर में पीलिया के मामले में आईपी एच, नगर निगम के साथ ही प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। क्योंकि, पीलिया अश्वनी खड्ड के दूषित पानी के सेवन से फैला है, इसलिए प्रदूषण बोर्ड कटघरे में है।
नौ सैंपल हुए फेल
आरोप है कि मल्याणा सीवरेज प्लांट से घटिया क्वालिटी का पानी अश्वनी खड्ड में छोड़ा जाता था। इसके बारे में प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों को जानकारी थी। बोर्ड ने नौ सैंपल लिए थे, जो कि फेल हुए। इसके बावजूद बोर्ड ने आईपीएच के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की। न ही नगर निगम को जागरूक किया कि अश्वनी खड्ड के पानी में सीवर मिल रहा है।
पूछा, कितनी बार लिए सैंपल, कितनी बार फेल
एसपी डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि एसटीपी मल्याणा से छोड़े के पानी के सैंपल कब-कब लिए गए, कितनी बार फेल हुए, सैंपल टेस्ट के क्या मापदंड अपनाए गए, इसके बारे में अफसर से डिटेल पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि मामले में अभी बोर्ड के अधिकारियों से पूछताछ की जा सकती है।
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