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अवैध कटान मामले में अरेस्ट कर्मियों के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई शुरू

5 वर्ष पहले
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धर्मशाला. जिला चंबा के भरमौर के एल्हमी बीट में हुए अवैध कटान मामले में जिला चंबा में तैनात वन विभाग व वन निगम के जिन 12 अधिकारियों व कर्मचारियों को चंबा पुलिस द्वारा सोमवार को गिरफ्तार किए गए विभाग व निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा इस मामले में गिरफ्तार किए गए 12 आरोपियों को चंबा न्यायालय ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश जारी किए थे।
सस्पेंशन की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है
जिसके चलते नौकरी पर कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों पर सस्पेंशन की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। वन निगम उत्तरी क्षेत्र के डिवीजनल मैनेजर किशोर कुमार ने बताया कि निगम के गिरफ्तार हुए भरमौर केएरिया मैनेजर ओम राज, पांगी के एरिया मैनेजर राजेंद्र कुमार, एरिया मैनेजर हंसराज व ब्लॉक अधिकारी चंबा देशराज के खिलाफ पुलिस रिपोर्ट के आधार पर विभागीय जांच शुरू कर दी है।
वहीं वन विभाग के चंबा सर्कल के कंजरवेटर फॉरेस्ट डीआर कौशल ने बताया कि वन विभाग के पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए वन विभाग के डिप्टी रेंजर बलदेव प्रसाद, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी निधिया राम के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर रिपोर्ट वन विभाग के उच्चाधिकारियों को प्रेषित की गई है। पुलिस जांच की रिपोर्ट के आधार पर इन पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कौन-कौन हैं शामिल?
इसके अतिरिक्त वन विभाग व निगम के सेवानिवृत अधिकारियों व कर्मचारियों जिनमें वन निगम के एसडीएम राजेंद्र कुमार, एरिया मैनेजर हंसराज, वन निगम के अधिकारी गहरा राम, ब्लॉक अधिकारी चंबा तिलक सिंह, रेंज अधिकारी वकील राम शामिल हैं। इन सभी सेवानिवृत कर्मचारियों व अधिकारियों के संबंध में भी विभाग व निगम के अधिकारियों ने विस्तृत रिपोर्ट बना कर उच्चाधिकारियों को आगामी कार्रवाई के लिए प्रेषित की है। पूर्व में गिरफ्तार मांगनी राम ने ही एल्हमी बीट में हुए अवैध कटान मामले में सीडी बना कर वन निगम के उच्चाधिकारियों को शिकायत की थी। वर्ष 2013 में एल्हमी बीट के पेड़ कटान के अलॉट का टेंडर शुभकर्ण के नाम जारी हुआ था। शुभकर्ण ने इस कटान को पेटी पर जैसी राम व देवराज को दे दिया।
1800 से अधिक पेड़ों को काटा गया
इस कटान के लिए वन विभाग व निगम ने जिन पेड़ों की मार्किंग की थी उन पेड़ों की बजाय 1800 से अधिक पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया। जबकि वन निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक 300 पेड़ कटना शेष थे। इस सारे मामले की मांगनी राम ने 7 नवंबर 2014 को सीडी बनाई तथा 12 नवंबर को वन निगम के डायरेक्टर बन्याल से सीडी सौंप कर मामले की शिकायत की।
चंबा अवैध कटान की कार्रवाई के बाद अधिकारी भी सहमे
हिमाचल प्रदेश के दूरदराज के इलाके चंबा में हुए अवैध कटान में मंगलवार को हुई कार्रवाई के बाद महकमें के आला अफसर भी सहमे है। इस मामले में जांच की आंच बड़े अफसरों तक भी आने वाले दिनों में पहुंच सकती है। राजधानी के तारादेवी में अवैध कटान के मामले में आैर कार्रवाई होनी है, लेकिन कब होगी, यह इंतजार फिलहाल खत्म होता नहीं दिख रहा है। सूत्र बताते हैं कि जिन अधिकारियों पर अभी कार्रवाई की गई है, वह तो आदेशों को अमलीजामा पहनाने वाले थे। इसमें आदेश किन अधिकारियों ने दिए थे। इस पर भी जांच चल रही है। ऐसे में आने वाले समय में क्या विभाग के आला अफसरों पर भी इस मामले में गाज गिर सकती है। इसकी चर्चा जोरो पर है।
जनवरी 2015 में कारण बताओ नोटिस जारी किए थे
पुलिस द्वारा इस मामले में पूर्व में गिरफ्तार किए गए निगम के 12 अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। पुलिस ने 9 जनवरी 2015 को 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें चार स्थानीय ठेकेदारों व लेबर सप्लायर के साथ वन विभाग व निगम के अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे। इनमें वन निगम के एरिया मैनेजर दर्शन सिंह, बीओ चतुर सिंह, फील्डमैन ओम कुमार, उत्तम चंद व बलदेव राज शामिल थे। जबकि वन विभाग के वन रक्षक नेक राज, नरेंद्र कुमार, वन खंड अधिकारी ज्ञान चंद शामिल थे। स्थानीय लोगों में लेबर सप्लायर जैसी राम, देवराज, शुभकर्ण व मांगनी राम शामिल थे।
2014 में हुआ था कटान
चंबा में यह अवैध कटान 2014 में हुआ था। इसमें 1800 से ज्यादा पेड़ों के कटान का मामला सामने आया है। इस मामले के सामने आने के बाद हिमाचल की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई थी। कई बार विधानसभा सत्र में भी यह मामला उठा आैर इसमें जोरदार हंगामा हुआ। अभी तक इस मसले पर सत्ता पक्ष को विपक्ष हर मंच से घेरता है। इस मामले में विपक्ष के निशाने पर मुख्य रूप से वन मंत्री रहे हैं। विपक्ष को कई बार वन मंत्री के त्यागपत्र की मांग भी कर चुका है।
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