शिमला। आईजीएमसी में डॉक्टरों की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। आर्थो विभाग के डाक्टर रोगी को आपरेशन थियेटर तक ले गए, वहां पर रोगी को आपरेशन के लिए तैयार भी कर दिया। मगर आपरेशन शुरू करने से ठीक पहले रोगी को आपरेशन के लिए मना कर दिया। ऐसे में जब मरीज के परिजनों ने इस बारे में तो डाक्टर से पूछना चाहा तो डाक्टर ने परिजनों से दुर्व्यवहार भी किया। आरोप है कि डाक्टर ने रोगियों को यहां तक कह दिया कि वह जहां मर्जी आपरेशन करवा लें।
क्या लगा आरोप?
मरीज के परिजनों का आरोप है कि उनके साथ दूसरी बार ऐसा किया गया। इससे पहले शनिवार को भी मरीज को आपरेशन थियेटर तक ले गए तथा बिना आपरेशन किए शाम काे वापिस कर दिया। उनका कहना है कि मरीज आपरेशन के चलते पूरा दिन भूखा भी रहा। परिजनों ने इसकी शिकायत आईजीएमसी के प्रधानाचार्य से की। प्रधानाचार्य ने मामला समझने के बाद एचओडी को उक्त रोगी का ऑपरेशन इमरजेंसी मे करने के लिखित निर्देश दिए।
अन्य रोगी भी परेशान
संतराम ही नहीं आर्थो वार्ड के अन्य रोगी भी डाक्टरों की लापरवाही को कोसने लगे हैं। अप्पर शिमला से आए मरीज अनिल के भाई रजनीश ने आरोप लगाया कि उनके भाई की टांग में फेक्चर है। 29 जनवरी को उन्हें अस्पताल में दाखिल किया गया। डाक्टरों ने उनके भाई के आपरेशन के लिए लिखा है। मगर 10 दिन बीतने के बाद भी आपरेशन नहीं हुआ है। उनका कहना है कि यदि उनके भाई की टांग खराब हो जाती है तो इसका जिम्मेवार कौन होगा।
अभी तक नहीं मिली डेट
बिलासपुर से आई सारिका का आरोप है कि पति को पिछले कई दिनों से बाजू फ्रेक्चर है और व अाईजीएमसी में दाखिल हैं। उन्होंने कहा उनके पति हाथ से खाना भी नहीं खा सकते और उन्हें वार्ड में रहने नहीं दिया जाता। अभी तक डेट नहीं मिली है। वहीं बीना ने कहा कि पति को हाथ में फ्रेक्चर है और अभी तक ऑपरेशन की डेट नहीं मिल पाई है। ऐसे में उन्हें खासी परेशानियां उठानी पड़ रही है।
सामान भी खरीदा
मनोहर का कहना है कि उन्होंने अपने पिता के आपरेशन के लिए हजारों रुपए का सामान पिछले एक सप्ताह से खरीद के रखा है। डाक्टरों ने आपरेशन नहीं किया है। ऐसे में यह सामान भी खराब होने लग गया है। यदि डाक्टरों ने आपरेशन करना ही नहीं है तो सामान क्यों लिखा। उनका कहना है कि अब डाक्टर उन्हें तंग कर रहे हैं।
यह था मामला
सोलन के अर्की निवासी 65 वर्षीय संतराम की बाजू टूटने के कारण 1 जनवरी को परिजन उन्हें आईजीएमसी ले आए। संतराम के बेटे मनोहर व हरीश ने बताया कि डाक्टरों ने जांच के बाद उनके आपरेशन के लिए कहा। मंगलवार को उनका सबसे पहले आपरेशन किया जाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता को आपरेशन के लिए तैयार करके आपरेशन थियेटर में ले गए। मगर आपरेशन शुरू होने से पहले ही उन्हें अगले शनिवार के लिए यह कहकर टाल दिया कि अभी आपरेशन नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले गत शनिवार को उन्हें सुबह आपरेशन के लिए ले गए। मगर शाम चार बजे बिना आपरेशन के वापिस लौटा दिया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने डाक्टर से इसका कारण पूछा तो डाक्टर ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उनका आरोप है कि डाक्टर ने कहा कि वह आपरेशन नहीं करेंगे। जहां मर्जी आपरेशन करवा लो।
इमरजेंसी में होगा ऑपरेशन
वहीं, आईजीएमसी के प्राचार्य डा. एसएस कौशल ने बताया है कि मरीज को डेट देकर आपरेशन न करने की शिकायत मुझे मिली है। इस बारे में संबंधित विभाग के एचओडी को लिखित निर्देश दिए गए हैं बल्कि वह इमरजेंसी में ऑपरेशन करे।
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