शिमला. केंद्रीय जल संसाधन एवं नदी विकास मंत्रालय ने जल क्रांति अभियान के तहत हिमाचल के 24 गांवों को जल ग्राम घोषित कर दिया है। इन गांवों के लिए योजना तैयार करने का कार्य आजकल जारी है। केंद्र सरकार की मंशा पानी के संकट से जूझ रहे इन गांवों में जल स्रोतों को सुधार करने की है। हाल ही में 6 फरवरी को केंद्रीय जल संसाधन एवं नदी विकास मंत्रालय ने देश भर के 672 जिलों के 1001 गांवों को जल ग्राम योजना में शामिल किया हैं।
हिमाचल सहित दो अन्य राज्यों से शुरू हुई इस योजना के लिए केंद्रीय जल आयोग ने हिमाचल के चयनित 24 गांवों के जल संसाधनों की जांच का काम जारी कर दिया है। आयोग की टीम गांवों की प्राकृतिक दशा और पानी के संसाधनों को ध्यान में रखते हुए अागामी समय में किए जाने वाले कार्यों का प्लान तैयार कर रही है। इसके अलावा टीम गांवों में पहले से चल रही योजनाओं का भी स्टेट्स जाना है।
योजना में गांव में जल के वर्तमान स्रोतों, मात्रा और गुणवत्ता के संबंध में जल की आवश्यकता एवं उपलब्धता के बीच अंतर की जानकारी एकत्र की जाएगी। जल ग्राम के संबंध में एकीकृत विकास योजना राज्य के जल संसाधन विभाग द्वारा क्रियान्वित की जाएगी। इसके लिए आवश्यक धन पूर्व से संचालित योजनाओं जैसे जल निकायों की मरम्मत, नवीकरण, पुनरूद्धार, एकीकृत वाटर शेड प्रबंधन, प्रस्तावित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और मनरेगा के लिए उपलब्ध निधि से उपलब्ध करायी जाएगी।
जल ग्राम योजना के तहत वर्तमान और बंद हो चुके जल निकायों, जलाशय, टैंकों की मरम्मत, नवीनीकरण एवं पुनरुद्धार, वर्षा जल संचयन और भूमि जल का कृत्रिम पुनर्भरण, अपशिष्ट जल का पुनर्चक्रण, किसानों की सक्रिय भागीदारी के लिए जन-जागरुकता कार्यक्रम, जल के कुशल उपयोग के लिए सूक्ष्म सिंचाई, जल जमाव वाले क्षेत्रों की पुनर्बहाली के लिए बायो-ड्रैनेज, समुदाय आधारित जल निगरानी और पंचायती राज संस्थाओं का क्षमता निर्माण किया जाएगा।
जून 2015 को शुरू की थी योजना
जल संसाधन एवं नदी विकास मंत्री उमा भारती ने जून 2015 को जल क्रांति अभियान को शुरू किया गया था। इस अभियान की शुरुआत देश के तीन स्थानों से की गई थी जिनमें हिमाचल के शिमला, राजस्थान के जयपुर और उत्तर प्रदेश के झांसी शामिल हैं। इस अभियान के तहत कम पानी वाले गांवों में पानी के बेहतर इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए जल ग्राम की पहल की जानी है। इस अभियान के तहत देश के 672 जिलों के दो दो गांवों को जलग्राम बनाया जाना है।
पहले फेस में 1001 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में अगले दो सालों में अभियान के तहत काम किया जाना है। जल ग्राम योजना के लिए चयनित शिमला जिले के सलाणा गांव में केंद्रीय राज्य मंत्री सांवर लाल जाट ने पिछले वर्ष 6 जून को दौरा किया था। इस दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने गांव वासियो को जल क्रांती अभियान के तहत चुने गए जल ग्रामों मे किए जाने वाले कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी थी।
चयनित गांवों के लिए हो रही योजना तैयार
- सेंट्रल वाटर कमीशन के डायरेक्टर डॉ. पी. जलक्रंाती अभियान के तहत हिमाचल प्रदेश के चयनीत 24 गांवों में पानी के संसाधनों की जांच का कार्य किया जा रहा है। चयनीत गांवों के लिए योजना भी तैयार की जा रही है। जल ग्राम योजना को लेकर जल्द ही एक वर्कशाप का भी आयोजन किया जाएगा। - डॉ पी दोरजे ग्यांबा, डायरेक्टर सीडल्यूसी भारत सरकार