फोटो- पीजी डिग्री कॉलेज में मारपीट को लेकर पुलिस कर्मी और कॉलेज प्रवक्ता आपस में उलझते हुए।
हमीरपुर। पीजी डिग्री कॉलेज में एसएफआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच शनिवार को जमकर मारपीट हुई। इस घटना में कुछ स्टूडेंट्स को चोटें भी आई हैं। पुलिस ने मौके से करीब एक दर्जन स्टूडेंट्स को पकड़कर थाने ले गई। इस घटना को लेकर 8 स्टूडेंट्स के खिलाफ सदर थाना में मामला दर्ज किया गया है। पीटीए ब्लॉक, गैलरी के अलावा बाहर भी कार्यकर्ताओं में जमकर झड़प हुई। इससे एक दूसरे के कपड़े फट गए और उन्हें अंदरुनी चोटें आई हैं। कॉलेज के बाहर कार्यकर्ताओं के बीच पहले कहासुनी हुई। बाद में कैंपस के भीतर चले गए और वहां मारपीट हो गई। प्रिंसिपल कार्यालय में आने के बाद भी कार्यकर्ता में आपस में उलझने से नहीं चुके।
छात्रा से बदसलूकी बना कारण
मारपीट के पीछे लड़की के साथ बदसलूकी की वजह बताई जा रही है। लड़की एबीवीपी से संबंधित बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि उक्त लड़की के साथ एक संगठन के कार्यकर्ता ने अश्लील गालियां निकालकर छेड़खानी की। लड़की ने इस घटना की शिकायत संगठन के पदाधिकारियों के साथ की। विद्यार्थी परिषद के एक कार्यकर्ता ने उन्हें ऐसा न करने के लिए कहा तो उसे बाहरी शरारती तत्वों ने डराया धमकाया। बाद में उनके कार्यकर्ताओं पर पीटीए ब्लॉक में हमला कर दिया। एबीवीपी के कैंपस प्रधान राहुल ठाकुर ने कहा एसएफआई कॉलेज में माहौल खराब कर रही है। संगठन की एक लड़की के साथ बदसलूकी की गई है। एसएफआई कैंपस प्रधान कपिल ने आरोप को निराधार बताया है।
पुलिस ने भागते हुए दो आरोपी छात्र पकड़े
कॉलेज प्रवक्ताओं ने भी खराब माहौल होता देख इस बार एकजुटता दिखाकर शरारती तत्वों को पकड़वाने में पुलिस की मदद की। पीटीए ब्लॉक में भिड़े स्टूडेंट्स ने एसपी रेजिडेंट्स की नीचली ओर जाने वाली कच्ची सड़क पर भागने की कोशिश लेकिन दो पुलिस कर्मियों ने भागते हुए दो स्टूडेंट्स को भी दबोच लिया। शनिवार को पीटीए कमेटी कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई थी। हंगामा होने से पदाधिकारियों ने घटना की निंदा करके सख्ती कार्रवाई को कहा।
पुलिस और लेक्चरर्स उलझे
दोषी स्टूडेंट्स को हिरासत में लेते वक्त पुलिस कर्मी और कॉलेज प्रवक्ता आपस में ही उलझ पड़े। पुलिस कर्मियों का कहना था कि कॉलेज प्रवक्ताओं की इतनी बड़ी जमात सख्ती दिखाए इनकी लड़ने की हिम्मत ही नहीं होगी, जबकि प्रवक्ताओं ने इस बात का रोष जताया कि हम कक्षा में पढ़ाएं या बाहर स्टूडेंट्स की हर गतिविधि पर नजर रखें। पुलिस दोषियों को कई बार ले गई, तो यह क्यों नहीं सुधर पाए। गौर रहे कि 5 सितंबर को भी कॉलेज में मारपीट की घटना हुई थी। तब भी संगठन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कॉलेज और पुलिस ने माहौल खराब न करने की हिदायत दी गई थी।
आगे की स्लाइड्स में देखें झड़प के कुछ और फोटो...