शिमला | छात्र संगठन एबीवीपी एचपी यूनिवर्सिटी की मनोनयन एससीए चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार करेगी। संगठन की ओर से मेरिट छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसमें छात्रों को प्रशासन की ओर से चलाई जा रही मनोनयन एससीए का बहिष्कार करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साेमवार को शिमला में पत्रकारवार्ता में एबीवीपी के नवनिर्वाचित प्रांत मंत्री आशीष सिक्टा ने कहा कि प्रदेश सरकार और विवि प्रशासन ने छात्रों पर जहां फीस का बोझ बढ़ा दिया है, वहीं उनका लोकतांत्रिक अधिकार भी छीना है। अब प्रशासन ने मनोनयन आधार पर चुनाव करवाने का फैसला लिया है। जो कि सरासर गलत है। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से फीस वृद्धि काफी अधिक की गई है। जिससे उन पर फीस का अधिक बोझ बढ़ रहा है। ऐसे में छात्र संगठन एबीवीपी को मजबूर होकर छात्र आंदोलन को जन आंदोलन बनाना पड़ रहा है। आशीष सिक्टा का कहना है कि प्रदेश सरकार को उनकी मांगों को हर हाल में पूरा करना होगा। यदि प्रशासन इस पर अपना निर्णय नहीं लेता है तो वह किसी भी हद तक जाएंगे।
एचपीयू सहित कॉलेजों में मंगलवार से एबीवीपी कार्यकर्ता भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। इस अनिश्चतकालीन भूख हड़ताल के जारिए प्रशासन को अपने छात्र विरोधी फैसलों को वापस लेने के लिए विवश किया जाएगा। 18 सितंबर को मार्च टू राजभवन किया जाएगा। जिसके बाद 19 सितंबर को पर्चा बांट कार्यक्रम होगा। 21 सितंबर के बाद सभी प्रिंसिपलों, राजनीतिज्ञ अौर सरकार के नुमाइंदों को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।