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सीएम ब्रांच के सीनियर असिस्टेंट से एटीएम का पासवर्ड पूछ ठगी

7 वर्ष पहले
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शिमला। सावधान, आपके मोबाइल पर यदि कोई अनजान व्यक्ति फोन करके एटीएम का पासवर्ड पूछे तो उसे न बताएं। जी हां, इन दिनों मोबाइल पर फोन लगाकर एटीएम कार्ड का पासवर्ड पूछने वाले ठग सक्रिय हैं। सचिवालय का एक कर्मचारी ठगों का जाल में फंस कर अपनी हजारों की जमा पूूंजी गंवा बैठा। कर्मचारी को भी एक फोन आया था इस दौरान कर्मचारी ने ठग को अपने एटीएम की पूरी जानकारी दे दी। उसके बाद ठग ने बैंक खाते से 11420 रुपए निकाल लिए।

नरेश कुमार रत्न सचिवालय के सीएम ब्रांच में सीनियर असिस्टेंट है। कुछ दिनों पहले मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एटीएम सैल चंडीगढ़ का मैनेजर बताया। फोन करने वाले ठग को नरेश ने अपने बैंक खाते अौर एटीएम की पूरी जानकारी दे दी।

जब तक समझता पैसा निकल गए

नरेश कुमार ने बताया कि जब ठग का फोन आया था तो वह कुछ समझा नहीं पाया जिस नंबर से फोन अाया था वह चंडीगढ़ के कोड से मेल खाता था। जब वह डिटेल बता रहा था तो संदेह भी हुआ। लेिकन तब तक सारी जानकारी दे चुका था। इससे पहले कुछ समझ पाता मोबाइल पर बैंक का अलर्ट आया इसमें खाते से 11420 रुपए निकाले जाने की सूचना थी। इसके बाद नरेश भाग कर अपने बैंक पहुंचकर इसकी जानकारी दी।
पुलिस केस दर्ज करने तक समित

प्रदेश में आए दिन कोई न कोई ऑनलाइन ठगी का शिकार हो रहा है। पुलिस का पूरा तंत्र केवल तमाशा देख रहा है। ज्यादातर मामलों में तो पुलिस सिर्फ केस ही दर्ज करती है। छानबीन नहीं की जाती। शिकायत लेकर पहुंचने वालों को साइबर सेल जाने की बात कहकर टालने की कोशिश की जाती है। साइबर क्राइम के चलते लोगों को इसकी पेचीदगी समझाकर पल्ला झाड़ दिया जाता है।
फर्जी सिम से करते हैं कॉल

इस दौरान पता चला कि फ्रॉड कॉलेज करने के ज्यादातर नंबर बिहार और झारखंड के हैं। मोबाइल का लोकेशन भी वहीं का है। ठगी करने वाले अपने नाम से मोबाइल का सिम इश्यू नहीं करवाते। वे फर्जी नाम से ही सिम लेते हैं। ऐसी दशा में जांच कैसे करें इसलिए फाइल बंद कर दी जाती है।