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बर्बर हुई पुलिस: गोली लगने के बाद तड़पता रहा युवक और देखती रही 'खाकी'

9 वर्ष पहले
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शिमला। तारादेवी के पास पुलिस कांस्टेबल की गोली से हुए छात्र की मौत ने पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कांस्टेबल की गोली से घायल हर्ष शर्मा की मानें तो गोली लगने के बाद उदय करीब 40 मिनट तक स्पॉट पर तड़पता रहा, लेकिन पुलिस वाले उसे अस्पताल नहीं ले गए।
पुलिस ने पहले इन दोनों के मोबाइल फोन जब्त किए, लेकिन जब मामला बिगड़ा तो उन्हें स्पॉट पर ही फेंक दिया। एसपी ऑफिस से जारी क्राइम बुलेटिन में छात्रों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। उदय घर का इकलौता चिराग था।
पुलिसकर्मी ने कहा, मरने दो
हंगामे के दौरान जांच कर रहे एक पुलिसकर्मी के मुंह से मरने दो के शब्द निकल गए। इसके बाद सभी गुस्साए लोग इस कर्मी के पीछे पड़ गए। धक्कामुक्की करते हुए लोगों ने कर्मी को काफी देर तक घेरे रखा। इस दौरान माहौल काफी गरमा गया और कुछ लोग हाथापाई करने लगे। लेकिन बाद में मामला शांत हुआ। इसके बाद गुस्साए लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि रात को शराब पीने वाले लोगों को तो पुलिस हिरासत में ले लेती है लेकिन जब अपने जवान शराब के नशे में गोलियां चलाते हैं तो फिर उन्हें छिपा दिया जाता है।
एक को गायब करने का आरोप
घटना का चश्मदीद तीसरा युवक नितिन वीरवार दिन भर गायब रहा। पुलिस बताती रही कि यह युवक फरार हो गया है। वहीं, जख्मी युवकों के परिजन आरोप लगाते रहे कि पुलिस ने इसे कहीं गायब कर दिया है। परिजन इस युवक को सामने लाकर सच्चाई जानने की भी बात करते रहे। लेकिन देर शाम तक युवक का कोई पता नहीं चल पाया।
थाने के एसओ रहे नदारद
पुलिसिया कार्रवाई पर गुस्सा जाहिर करते हुए लोगों ने जमकर नारेबाजी की। लेकिन दोपहर एक बजे तक एक भी अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। यहां तक की थाने के सुपरवाइजरी ऑफिसर भी मौके से नदारद दिखे। करीब सवा एक बजे डीएसपी प्रोबेशनर दिनेश शर्मा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे लेकिन लोगों को शांत नहीं करवा सके।
‘गोली तो पैर पर मारी जाती है’
एडीएम एनके लट्ठ वीरवार सुबह11:35 पर आईजीएमसी पहुंचे। एसएचओ मदन धीमान से जब क्राइम सीन के बारे में पूछा तो वह भी बोल पड़े गोली तो पैर में मारी जाती है। एसएचओ से भी इन लड़कों के पिछले क्राइम रिकार्ड के बारे में पूछा तो वह सिर्फ इतना बता पाए कि छोटा शिमला में एक लड़के पर केस दर्ज है। एडीएम ने तत्काल लाश का पोस्टमार्टम करने के आदेश दिए और वहां से चले गए।
कोई सस्पेंड नहीं
मैंने अभी ज्वाइन नहीं किया है लेकिन मामले की जानकारी मुझे मिली है। हम इसकी निष्पक्ष जांच करवाएंगे। किस धारा के तहत केस दर्ज किया गया है, इसकी मुझे अभी जानकारी नहीं है। मामले में फिलहाल किसी कर्मी को निलंबित नहीं किया गया है।
-अभिषेक दुल्लर, एसपी शिमला
पुलिस पर सवाल
:दोनों को बुधवार करीब 11 बजे रात गोली मारी गई, लेकिन वीरवार सुबह तक मृतक के परिजनों को सूचना तक नहीं दी गई।
: पहले मोबाइल जब्त कर दिए गए, बाद में उन्हें स्पॉट पर ही फेंक दिया गया।
: मृतक स्पॉट पर करीब ४क् मिनट तक तड़फता रहा। उसे अस्पताल नहीं पहुंचाया गया।
:आरोपी कांस्टेबलों का मेडिकल नहीं किया गया। इसकी बाकयदा एक स्क्रिप्ट तैयार की गई।
:आईजीएमसी में परिवार को ढांढस बंधाने पुलिस अफसर तब पहुंचे जब वहां हंगामा शुरू हो गया।
यह सफाई
: मृतक के घर सूचना देने के लिए बालूगंज पुलिस के सिपाही भेजे गए हैं।
: मोबाइल अभी तक जब्त नहीं।
: अस्पताल पहुंचाने में थोड़ी देर हुई है।
: कांस्टेबलों का मेडिकल करा लिया गया है।
: अफसरों के अस्पताल से गायब रहने का पुलिस के पास कोई जवाब नहीं।