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डाउनलोड करेंशिमला । प्रदेश में लापरवाही से हादसे पर हादसे हो रहे हैं लेकिन सरकार या प्रशासन सबक नहीं ले रहा जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। मंडी के झीड़ी में भी जो बस हादसे का शिकार हुई उसका चालक दुर्घटना से पहले मोबाइल पर बात कर रहा था जिस कारण बस अनियंत्रित होकर ब्यास में जा गिरी। चालक ने खुद की जान तो कूद कर बचा ली लेकिन अन्य जिंदगियों को ब्यास में डुबो गया। अशोका बस के ब्यास में गिरने से 38 यात्रियों की मौत हो चुकी है जबकि कुछ घायल हैं और कुछ बह गए हैं। प्रत्यशदर्शियों के अनुसार बस में करीब 60 लोग सवार थे जिनमें स्कूल बच्चे भी शामिल हैं।
बस का पहले भी एक्सिडेंट
अशोका बस पहले भी हादसे का शिकार हो चुकी है। तब करीब ४-५ लोगों की मौत हुई थी। यह बस तब भी इसी रूट पर थी।
अपनों को तलाशने के लिए मौके पर दौड़े
झीड़ी के पास हुई बस दुर्घटना से पूरे क्षेत्र में चीख पुकार का माहौल था। घटना की सूचना मिलते ही लोग अपनों की तलाश के लिए मौके की ओर दौड़े और ब्यास नदी से निकल रहे घायलों को देखने लगे। मौके पर पहुंचे लोगों को पता भी नही चल पा रहा था कि वे इस हालत में क्या करें। जानकारी के अनुसार बस पूरी तरह से भरी हुई थी और कई लोग आनी जाने के लिए बस की छत पर भी बैठे हुए थे। घटना में बचे हुए लोगों के अनुसार बस का ड्राइवर बार बार मोबाइल फोन पर बात कर रहा था और उसे फोन पर बात करने से भी रोका गया लेकिन ड्राइवर नही माना और उक्त हादसा पेश आया। इस हादसे में कुछ अभागे अपने बच्चों और घर वालों से बिछुड़ गए तो कई लोगों के घरवालों को यह भी नही पता कि आज उनका बेटा घर नही आने वाला है।
मालिक का बेटा चला रहा था बस, अभी फरार
प्रारंभिक जांच में हादसे के कारण ड्राइवर की फोन पर लगातार हो रही बात और बस की तेज रफ्तार थी। प्रत्यशदर्शियों के अनुसार बस को बस मालिक का बेटा अुंक चला रहा था। जो दुर्घटना होने बाद से अभी फरार है। चालक के पास वैध लाइसेंस न होने के भी कयास लागाए जा रहे हैं। ऐसे में हर बार हादसों के बाद सख्ती दिखाने का दावा करने वाला परिवहन विभाग यदि थोड़ी सी सजगता बरतता तो यह हादसा नहीं होता। एनएच पर एक ओवरलोड बस छत पर सवारियां ले जाती है लेकिन पुलिस की नजर उन पर नहीं पड़ती यह भी हैरानी की बात है। हादसे के बाद जांच और जांच के बाद दिखावे के दावे हर बार इस तरह के धोखे ही प्रदेश में हजारों जिंदगियों को लील रहे हैं।
और... मेले में छा गया मातम
हादसा इतना दर्दनाक था कि किसी को बाहर आने का मौका भी नहीं मिला। निजी बस में अभागी सवारियों में अधिकतर लोग आनी मेले में शरीक होने जा रहे थे और रास्ते में यह हादसा पेश आया और वह इस दुनिया से रुखस्त हो गए जिसके चलते मेला भी मातम में तब्दील हो गया। जैसे ही हादसे की सूचना आनी क्षेत्र में फैली तो लोग अपनों को ढूंढने गाडिय़ों में कुल्लू की ओर रवाना हो गए। बताया जा रहा है एक तो बस की हालत ठीक नहीं थी और ऊपर से चालक की एक चूक ने इतनी निर्दोष जिंदगियों से खिलवाड़ किया है जिससे पूरा कुल्लू शोक में डूब गया है।
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