शिमला । मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, प्रतिभा सिंह, विक्रमादित्य सिंह आैर अपराजिता सिंह व इनके परिवार के केयर टेकर आनंद चौहान से संबंधित इनकम टैक्स के मामलों की सुनवाई 24 सितंबर तक टल गई है। इन सभी याचिकाकर्ताआें ने अपने इनकम टैक्स से जुड़े मामलों की सुनवाई शिमला के इनकम टैक्स कमिश्नर कार्यालय से चंडीगढ़ कार्यालय में शिफ्ट किए जाने के आदेशों का विरोध किया है।
14 जुलाई को इनकम टैक्स कमिश्नर शिमला ने आदेशों में कहा था कि इन सभी लोगों के इनकम टैक्स मामलों में चल रही पड़ताल और आगामी कार्रवाई चंडीगढ़ कार्यालय से की जाए। आईटी कमिश्नर शिमला का कहना था कि इन सभी लोगों की व्यवसायिक नजदीकियां और पारिवारिक रिश्ते हैं। इसके चलते सभी मामलों को केंद्रीयकृत आैर संयुक्त रूप से चंडीगढ़ कार्यालय में भेजा है। सभी प्रार्थियों ने इन आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेशों में आईटी कमिश्नर शिमला के आदेशों पर रोक लगा रखी है। बता दें कि सभी प्रार्थियों की इनकम टैक्स रिटर्न में 2009 से 2012 तक इनकम टैक्स विभाग ने कुछ अनियमितताएं पाई। इनमें मुख्य रूप से वक्कामुल्ला चंद्रशेखर से असुरक्षित ऋण आैर ब्याजमुक्त कर्ज लेने की बात आई थी। परंतु इसका विवरण आईटी रिटर्न में नहीं किया गया था। जीवन बीमा पाॅलिसी में निवेश को लेकर भी रिटर्न में कुछ खामियां सामने आई थी। इसकी जांच इनकम टैक्स आथारिटी की ओर से की जा रही है।