शिमला। राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कल्याण सिंह ने हिमाचल के चीन आैर
जम्मू से सटे होने के कारण प्रदेश की फंडिंग बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य की सीमा अंतरराष्ट्रीय बार्डर से लगती है। इसलिए यह पहाड़ी राज्य अन्य राज्यों से अलग करता है। धर्मशाला में दलाईलामा व करमापा की सुरक्षा पर राज्य को काफी बजट खर्च करना पड़ता है। इसे केंद्र सरकार को वहन करना चाहिए। बुधवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित राज्यपाल सम्मेलन में कल्याण सिंह ने कहा कि तिब्बती धर्मगुरु की सुरक्षा खर्चे के एक भाग की ही प्रतिपूर्ति विदेश मंत्रालय द्वारा की जा रही है।
करमापा की सुरक्षा का सारा खर्चा हिमाचल सरकार वहन कर रही है। इसे केंद्र पूरा वहन करें, इसकी मांग उन्होंने देश के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से की। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य
जम्मू कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियां, चीन के साथ लगती सीमा, पर्यटकों का अत्यधिक आगमन, दुर्गम क्षेत्र, विपरीत जलवायु और प्राकृतिक आपदा की संभावनाएं जैसी चुनौतियां हिमाचल प्रदेश को अन्य राज्यों से अलग बनाती हैं। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत प्रदेश के फंड आवंटन को बढ़ाया जाए। रेल लाइन से लेह क्षेत्र से जोड़ने के लिए बड़ी रेलवे लाइन की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के पुलिस प्रतिष्ठानों को मजबूत करने की जरूरत है।
विकास कार्य की अवधि को बढ़ाने की मांग
राज्यपाल ने राज्य में जनजातीय छात्र-छात्राओं के लिए बनाए जाने वाले छात्रावासों और सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों को पूरा करने के लिए दो वर्ष के समय को बढ़ाकर चार वर्ष किए जाने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि भौगोलिक स्थितियां, सीमित कार्य अवधि और वन संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त होने वाली स्वीकृतियों में देरी के कारण प्रदेश में कार्यों को दो वर्ष में पूर्ण करना सम्भव नहीं है।