शिमला। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत डॉक्टरों को अब प्रमोशन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आईजीएमसी व टांडा मेडिकल कॉलेजों में तैनात डॉक्टरों को टाइम बाउंड प्रमोशन मिलेगी। राज्य मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पांच साल तक असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत रहने के बाद एसोसिएट प्रोफेसर बनाया जाएगा। इसके आठ साल बाद अगली प्रमोशन मिलेगी।
पहले चरण में यह शर्त आईजीएमसी व टांडा मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों पर लागू होगी। राज्य में प्रस्तावित तीन मेडिकल कॉलेज चंबा, मंडी व हमीरपुर शुरू होने के बाद वहां पर तैनात फैकल्टी पर भी यह नियम लागू होगा। प्रमोशन के लिए कॉलेजियम सिस्टम पहले से लागू है। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने इस की पुष्टि की है।
डाॅक्टरों का पलायन रोकने में मिलेगी सफलता
हिमाचल के डाॅक्टरों को बाहरी राज्यों में पलायन को रोकने के लिए विभाग की पहल काफी लाभदायक साबित हो सकती है। राज्य में डाॅक्टरों के पलायन को रोकने के लिए सरकार लंबे समय से प्रयासरत है, लेकिन इसमें ज्यादा सफलता हासिल नहीं है। अब सरकार को उम्मीद है कि शीघ्र ही इसके परिणाम सामने आ सकते हैं।
एम्स को जमीन देखने को डीसी को लिखेंगे पत्र
हिमाचल में एम्स स्तर का अस्पताल खोलने को लेकर अब जिला के उपायुक्तों से जमीन का ब्यौरा मांगा जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य की तरफ से इस को लेकर सभी जिलाधीशों को पत्र लिखा जाएगा। डीसी से पूछा जाएगा कि उन के जिले में 200 एकड़ के करीब जमीन उपलब्ध है जहां पर एम्स का निर्माण किया जाए। जमीन फाइनल करने के बाद सरकार आगामी कार्रवाई अमल में लाएगी।