मंडी। मंडी के लिए स्वीकृत प्रदेश की पहली क्लस्टर यूनिवर्सिटी को स्थापित करने की कवायद मंडी कॉलेज में शुरू हो गई है। मंडी के वल्लभ कॉलेज में चलने वाली क्लस्टर यूनिवर्सिटी के साथ अटैच किए गए तीन अन्य कॉलेजों बासा, पधर और सुंदरनगर में आधारभूत ढांचा उपलब्ध करवाने के लिए कॉलेज प्रशासन डीपीआर बनाने में जुट गया है।
लोनिवि डीपीआर में जुटा
क्लस्टर यूनिवर्सिटी की डीपीआर यानी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्रदेश का लोक निर्माण विभाग तैयार कर रहा है। यूनिवर्सिटी की डीपीआर बनाने संबंधी कार्य में तेजी लाने के संबंध में प्रदेश के शिक्षा निदेशक की ओर से लोक निर्माण विभाग के ईएनसी को पत्र भेजा गया है। शिक्षा विभाग क्लस्टर यूनिवर्सिटी को अगले शिक्षा सत्र से शुरू करने की तैयारी में जुटा हुआ है। इसके लिए विभाग ने कवायद तेज कर दी है।
55 करोड़ मिलेंगे
पहली क्लस्टर यूनिवर्सिटी को केंद्र सरकार की ओर से आधारभूत ढांचा तैयार करने के लिए लगभग 55 करोड़ का बजट मिलेगा। जो केंद्र की ओर से तीन सालों में उपलब्ध करवाया जाना है।
ये कोर्स होंगे नए शुरू
क्लस्टर यूनिवर्सिटी से संबंधित सभी कॉलेजों में नए कोर्स भी शुरू करने की योजना है। इसमें मंडी के वल्लभ कॉलेज में स्कूल आॅफ लॉ और स्कूल आॅफ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी शुरू करना प्रस्तावित है। सुंदरनगर के एमएलएसम कॉलेज में एमबीए और एमसीए, पधर कॉलेज में स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज एंड परफॉर्मिंग आर्ट और बासा कॉलेज में टूरिज्म एंड लाइब्रेरी साइंस कोर्स शुरू होगा।
जमीन तलाशने के आदेश जारी
क्लस्टर यूनिवर्सिटी से अटैच किए कॉलेजों में आधारभूत ढांचा तैयार करने के लिए अतिरिक्त जमीन उपलब्ध करवाने के निर्देश जिला प्रशासन ने राजस्व अधिकारियों को दिए है। बासा कॉलेज में लगभग 25 बीघा जमीन नए कोर्स शुरू करने के लिए चाहिए, जबकि मंडी के वल्लभ कॉलेज में यूनिवर्सिटी का प्रशासनिक और अन्य ब्लॉक बनाने के लिए भी अतिरिक्त जमीन की जरूरत है।
18.73 करोड़ का बजट
यूनिवर्सिटी के लिए केंद्र की ओर से हर साल दिया जाना प्रस्तावित है। इसमें प्रदेश सरकार की लगभग 10 प्रतिशत की भागीदारी रहेगी। केंद्र व राज्य सरकार के संयुक्त क्लस्टर यूनिवर्सिटी में केंद्र का शेयर 90 प्रतिशत व स्टेट का 10 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।