शिमला। पहली से आठवीं तक की परीक्षाएं खत्म होने से हो रहे नुकसान की भरपाई का तरीका हिमाचल ने इजाद कर ही लिया। शिक्षा के गिरते स्तर से चिंतित शिक्षा विभाग के अधिकारियों को एंड लाइन सर्वे के परिणाम ने राहत दी है। लेकिन अधिकारी इसे और मजबूत बनाने के काम में लगे हैं। 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षाएं खत्म होने के बाद राज्य सरकार पहली बार परीक्षा पैटर्न में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। पहली, तीसरी व आठवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं करवा कर थर्ड पार्टी से इवेल्यूएशन करवाने की तैयारी है। शिक्षा सचिव ने यह प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा है। सरकार इस पर अंतिम फैसला लेगी। प्राइमरी में शिक्षा के गिरते स्तर को सुधारने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। परीक्षाएं स्कूल स्तर पर ही होंगी। बोर्ड की परीक्षाओं में प्रश्न पत्र जिस तरह तैयार किए जाते हैं वैसा ही पैटर्न अपनाया जाएगा।
हर बच्चे की रिपोर्ट पेरेंट्स को सौंपेंगे शिक्षक
शिक्षा विभाग अब प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर छात्रों की रिपोर्ट कार्ड तैयार करेगा। साल में तीन बार होने वाली परीक्षाओं में छात्रों की परफॉर्मेंस का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। छात्रों की ओवर ऑल परफॉर्मेंस क्या हैं, फ़र्स्ट टर्म से एंड टर्म तक कितना इंप्रूव किया इस का ब्यौरा दिया जाएगा। यह रिपोर्ट छात्रों के परिजनों को सौंपी जाएगी। सर्व शिक्षा अभियान द्वारा किए गए एंड लाइन सर्वे में काफी सुधार आया है। बेस लाइन सर्वे के रिजल्ट काफी खराब रहे थे। एंड लाइन में 10 फीसदी सुधार आया है।
शिक्षक ऑनलाइन भरेंगे अंक
शिक्षक खुद बच्चों के अंक ऑन लाइन भरेंगे। स्कूल में हर बच्चे का रिपोर्ट कार्ड ऑनलाइन तैयार होगा। इसको लेकर केंद्र को 110 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है। मंजूरी के बाद योजना शुरू हो जाएगी। प्रधान सचिव शिक्षा अली रजा रिजवी सर्वे के परिणामों की प्रस्तुति देने दिल्ली जा रहे हैं। हिमाचल का परिणाम अन्य राज्यों की अपेक्षा काफी अच्छा है।
पंजाब-हरियाणा ने भी राज्य से मांगा माॅड्यूल
परीक्षा पैटर्न खत्म होने के बाद सर्व शिक्षा अभियान ने मॉड्यूल तैयार किया है। इस में चैप्टर खत्म होने के बाद बच्चों को कितना ज्ञान होना चाहिए, बताया गया है। इस मॉड्यूल को पंजाब व हरियाणा राज्य भी अपनाना चाहते हैं। इन राज्यों ने हिमाचल से मॉड्यूल मांगा है। प्रधान सचिव का कहना है कि पहली, तीसरी व आठवीं कक्षा का मूल्यांकन थर्ड पार्टी से करवाने पर विचार चल रहा है।
(फोटो- प्रतीकात्मक)
]