• Hindi News
  • Forest Department Plan Changed, His High technology Had Failed

वन विभाग ने बदला इरादा, फेल हो गई उनकी उच्च तकनीक

9 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शिमला। बंदरों के आतंक से निजात दिलाने वाली ‘अल्ट्रासोनिक तरंगों’ की योजना को अपनाने को लेकर वन विभाग ने अपना इरादा बदल लिया है। अल्ट्रासोनिक तरंगों का प्रभाव केवल कुछ समय तक रहता है। कुछ माह बाद ही बंदर इसके प्रभाव के आदि हो जाते हैं। इसलिए विभाग अब बंदरों की नसबंदी के कार्यक्रम को और तेज करेगा।
इसके साथ केंद्र सरकार को अधिक अनुदान की प्रस्ताव विभाग भेज रहा है। वन विभाग की योजना थी कि शहर में बंदरों के अधिक उत्पात वाले स्थानों पर अल्ट्रासोनिक यंत्र लगाए जाए, ताकि बंदरों को उन स्थानों से खदेड़ा जा सके। मगर यह योजना बंदरों की आबादी को किसी भी तरह नियंत्रण में लाने का उपाय प्रतीत नहीं हुआ।
हालांकि यह यंत्र जाखू के आसपास लगाए जाने की योजना थी। अब वन विभाग ने इस योजना को अपनाने को लेकर अपना इरादा बदल दिया है। विभाग की मानें तो इस योजना का परिणाम लंबे समय तक लोगों को फायदा नहीं देंगे, उनकी समस्या बंदरों को लेकर ज्यों की त्यों बनी रहेगी।
क्यों बदला निर्णय
कुछ माह पूर्व पंथाघाटी स्थित हिमालयन फॉरेस्ट रिसर्च संस्थान में करीब बारह हजार की लागत से अल्ट्रासोनिक तरंगों को उपकरण स्थापित किया गया था। एक्सपेरिमेंटल तौर पर इस उपकरण ने कुछ समय तक बेहतर परिणाम दिए, लेकिन उसके बाद इससे निकलने वाली तरंगों से बंदर आदि हो गए हैं। अब बंदर इन तरंगों के प्रभाव के कारण भागते नहीं हैं। यही नहीं इन उपकरणों को यदि कही स्थापित भी किया जाता है तो कुछ समय तक तरंगों को प्रभाव से बंदर एक स्थान से तो भाग जाएंगे, लेकिन दूसरे स्थान पर उत्पाद करना शुरू कर देंगे व उस स्थान पर वे अधिक संख्या में हो जाएंगे। वहीं वन्य प्राणी विभाग के एपीसीसीएफ प्रवीण थपलियाल के अनुसार असल में तरंगों से बंदरों को भगाने सही तरीका नहीं है। इसके सही परिणाम वन अनुसंधान संस्थान में लगे उपकरण से सामने नहीं आए हैं।
लोगों से लेंगे फीड बैंक
वन विभाग प्रदेश में चल रहे बंदरों के नसबंदी के कार्यक्रम को और तेज करेगा। इसके लिए विभाग विशेष टीम का गठन कर रहा है जो प्रदेश भर में योजना के परिणामों के बारे में लोगों की फीड बैक एकत्र करेगी। लोगों को फीड बैक सकारात्मक मिले तो योजना के विस्तार के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा और अधिक अनुदान की मांग की जाएगी।