सुंदरनगर। नाचन के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री दिलेराम का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार सुबह करीब साढ़े दस बजे देहांत हो गया। करीब तीन बजे उनका अंतिम संस्कार चंदपुर श्मशानघाट में किया गया। उनके पुत्रों प्रवीण और नवीन ने मुखाग्नि दी। सांसद रामस्वरूप शर्मा, पूर्व मंत्री रूप सिंह ठाकुर, कांग्रेस के पूर्व विधायक टेकचंद डोगरा, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता अजय राणा, नाचन विधायक विनोद कुमार, राकेश जंबाल, इंद्र सिंह गांधी, बलदेव सैणी, दयाराम कौंडल, ब्रह्मदास चौहान, नरेंद्र भंडारी के अलावा जिला पर्यटन अधिकारी विवेक चंदेल, एसडीएम हरि सिंह राणा, डीएसपी कुलभूषण वर्मा, तहसीलदार सुनील कुमार सहित सुंदरनगर उपमंडल के सैकड़ों लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। उनके देहांत पर राज्यपाल उर्मिला सिंह, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और
पीके धूमल ने शोक जताया है।
खास- 35 साल तक दिलेराम राजनीति में रहे। वे ईमानदार, स्पष्टवादी, बेबाक और भाईचारे की अनूठी पहचान थे। वे प्रदेश भाजपा के दिग्गजों में एक थे।
जीवन परिचय
जन्म - 3 मार्च, 1940, महादेव पंचायत के नगवाहन गांव में।
परिवार - चार भाई, दो बहनों में सबसे छोटे।
पढ़ाई- 10वीं तक सुंदरनगर हाई स्कूल में।
डिग्री- मंडी डाइट से जेबीटी की।
प्रोफेशन- जेबीटी की ट्रेनिंग के बाद टीचर के रूप में करिअर की शुरुआत।
परिणय- 1968 में दिलेराम और कमला परिणय सूत्र में बंधे। उनके चार बेटियां और दो बेटे हैं।
राजनीतिक सफर
1977- टीचिंग छोड़ विस चुनाव जीता। अनुसूचित जाति निगम के उपाध्यक्ष रहे। 1982: दूसरी बार विधायक बने।
1985 - विस चुनाव में हारे।
1990 - तीसरी बार विधायक बने। खाद्य एवं आपूर्ति और सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री रहे।
1993 - हार का सामना करना पड़ा। ये हार 2002 तक जारी रही।
2007 - चौथी बार विधानसभा पहुंचे। 13वें वित्त आयोग के अध्यक्ष बने।
संगठन में कई अहम पदों पर रहे। छह बार जिला मंडी में भाजपा के अध्यक्ष रहे।
(फोटो-भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलेराम को मुखाग्नि देते उनके बेटे प्रवीण और नवीन। इनसेट में दिलेराम)